गाजीपुर: दिलदारनगर में अकीदत और एहतराम के साथ मनाई गई ईद-ए-मिलादुन्नबी, निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी
गाजीपुर के सेवराई तहसील क्षेत्र के दिलदारनगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में ईद-ए-मिलादुन्नबी का त्योहार अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। कमसार-ओ-बार क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग इस्लामिक झंडे और बैनर लेकर जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल हुए। जुलूस के दौरान धार्मिक नारों के साथ लोगों ने उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

विभिन्न मार्गों से होकर परिसर पहुंचा जुलूस:
जुलूस दिलदारनगर के विभिन्न मार्गों से होकर हाजी शौकत खान के परिसर में पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद जुलूस जलसे में बदल गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुफ्ती सुल्तान रजा सिवानी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हजरत मौलाना रियाज हुसैन शम्सी रकसहा शरीफ ने की, जबकि संचालन मौलाना नदिमुद्दीन शम्सी ने किया।
कार्यक्रम में हाफिज मुस्ताक, मौलाना एकराम, कारी अरशद कलकत्ता, कारी इमरान, मौलाना हैदर, मौलाना कलीम, कारी आदाब, कारी राशिद खान, मौलाना जियाल्लाह, हाफिज वसीम, हाफिज शाहबाज, हाफिज याकूब, हाफिज साकिबल वारसी, कारी दिलावर और हाफिज असरार सहित कई लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा कामरान खान मिर्चा, एहसान प्रधान दिलदारनगर, शकील खान भाजपा नेता रक्सहा, तौकीर खान मिर्चा, शाहिद खान रकसहा, बाबर नेता कुर्रा और डॉक्टर एकराम समेत बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश:
मुख्य अतिथि मुफ्ती सुल्तान रजा सिवानी ने अपने संबोधन में पैगंबर मोहम्मद के जीवन और उनकी शिक्षाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद के आगमन के साथ इंसानियत, महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सुधार का संदेश मिला। उन्होंने शादी-ब्याह के सही तरीके और समाज में व्याप्त बुराइयों से दूर रहने की सीख पर जोर दिया।
उन्होंने शराब, जुआ, दहेज और अन्य सामाजिक बुराइयों से बचने का संदेश देते हुए समाज में सुधार और बेहतर आचरण पर जोर दिया।
अमन, भाईचारे और इंसानियत का दिया संदेश:
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद को रहमतुल्लिल आलमीन बताते हुए उनकी शिक्षाओं को इंसानियत, अमन, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद से जोड़ा। वक्ताओं ने देश में आपसी प्रेम, सद्भाव और शांति बनाए रखने का आह्वान किया।
जलसे के दौरान सामाजिक सद्भाव और भाईचारे की भावना के साथ लोगों से आपसी प्रेम बनाए रखने की अपील की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
सजावट के साथ शरबत और लंगर की व्यवस्था:
ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर क्षेत्र में जगह-जगह आकर्षक सजावट की गई थी। लोगों के लिए शरबत और लंगर की व्यवस्था भी की गई। जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी।

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक उत्साह के साथ लोगों ने अपनी सहभागिता निभाई और आयोजन में शामिल लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
प्रशासन के सहयोग के लिए जताया आभार:
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हजरत मौलाना रियाज हुसैन शम्सी ने आयोजन के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने एसडीएम, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी समेत प्रशासन के अधिकारियों का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को लेकर पूरा सहयोग मिला। प्रशासन के सहयोग के चलते जुलूस और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
पुलिस निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ आयोजन:
जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिलदारनगर थाना प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में गश्त करते रहे। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में जुलूस-ए-मोहम्मदी तथा जलसे का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया। इसमें देश और क्षेत्र में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल