फिल्म ‘हनुमान अंश’ का UP सरकार पर असर, अब कैंची धाम जैसा बनेगा नीम करौली बाबा का जन्मस्थान, जानें पूरा प्लान
नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने देश-विदेश में करीब 291 करोड़ रुपये की कमाई की है। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म के बाद बाबा के प्रति लोगों की आस्था बढ़ने की बात कही जा रही है। अब उत्तर प्रदेश में नीम करौली बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को विकसित करने की तैयारी है। इनमें उनकी जन्मस्थली फिरोजाबाद, तपोस्थली फर्रुखाबाद, समाधि स्थल वृंदावन और लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर शामिल हैं।
फिरोजाबाद में जन्मस्थली पर बनेगा भव्य कॉरिडोर:
नीम करौली बाबा का जन्म वर्ष 1900 में फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में हुआ था। उनका बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। शुरुआत से ही उनका हनुमान जी के प्रति लगाव रहा और वे लगातार पूजा-पाठ करते थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी जन्मस्थली को विकसित करने की योजना बनाई है। यहां भव्य कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।
पर्यटन विभाग के अधिकारी विशाल श्रीवास्तव के मुताबिक, जन्मस्थली को कैंची धाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए करीब साढ़े 87 बीघा जमीन चिह्नित की गई है। इलाके का सर्किल रेट बढ़ाकर 69 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है।
योजना के तहत यहां भव्य प्रवेश द्वार, डिजिटल म्यूजियम, सभा स्थल, मल्टीलेवल पार्किंग, भंडारा स्थल, फूड कोर्ट, इंटरप्रिटेशन सेंटर और ध्यान एवं वेलनेस सेंटर बनाए जाने हैं। विशाल श्रीवास्तव के अनुसार, कैंची धाम पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, इसलिए दोनों स्थानों की भौगोलिक स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन सुविधाओं के लिहाज से जन्मस्थली को उसी स्तर पर विकसित करने की योजना है।
जमीन खरीद की प्रक्रिया मंजूरी के बाद होगी शुरू:
पर्यटन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, नियमानुसार जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जमीन को लेकर किसी ने आपत्ति नहीं जताई है। बाबा के पोते-पोतियों और स्थानीय ग्रामीणों ने अनापत्ति प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रस्ताव को शासन की मंजूरी के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
जन्मस्थली पर पहले ही करीब 12 करोड़ रुपये से काम किए जाने की जानकारी दी गई है। नीम करौली बाबा गृहस्थ संत थे। उनके दो बेटे अनेक शर्मा और धर्म नारायण शर्मा थे, जिनका निधन हो चुका है। उनकी बेटी गिरिजा भटेले वृद्ध हैं। बाबा से जुड़े संस्थानों का प्रबंधन श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट करता है और गिरिजा इसकी प्रमुख हैं।
फर्रुखाबाद में तपोस्थली पर बनेगा जलकुंड:
नीम करौली बाबा ने फर्रुखाबाद के नीब करौरी गांव, जिसे संकिसा के नाम से भी जाना जाता है, में करीब 12 साल तपस्या की थी। इसी गांव के नाम पर उन्हें नीम करौली बाबा के नाम से जाना गया। यहां नीब करौरी नाम से रेलवे स्टेशन भी है।
‘हनुमान अंश’ फिल्म के रिलीज होने के बाद मंगलवार और शनिवार को यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हर दिन 60 से 70 हजार भक्त यहां पहुंच रहे हैं।
पर्यटन विभाग की ओर से यहां 5 एकड़ क्षेत्र में जलकुंड बनवाने की योजना है। इसके साथ ही सड़कों से अतिक्रमण हटाकर उन्हें चौड़ा किया जाएगा और व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। महिलाओं और बच्चों को ध्यान में रखते हुए विशेष चाइल्ड केयर पॉइंट तैयार करने की भी योजना है।
वृंदावन में समाधि स्थल का होगा विकास:
उत्तर प्रदेश सरकार वृंदावन स्थित नीम करौली बाबा के समाधि स्थल को भी विकसित करेगी। समाधि स्थल और उसके आसपास के क्षेत्रों में सड़क मार्ग, बुनियादी सुविधाओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
11 सितंबर 1973 को नीम करौली बाबा ने वृंदावन की भूमि पर महासमाधि ली थी। इसके बाद यहां परिसर का निर्माण किया गया। परिसर में बाबा नीम करौली महाराज की समाधि के साथ भगवान श्रीराम, हनुमान जी, मां दुर्गा और शिवजी के मंदिर स्थापित हैं। यहां श्रद्धालुओं के लिए भंडारे भी आयोजित होते हैं।
लखनऊ से शुरू होगा नीम करौली बाबा सर्किट:
लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर ‘नीम करौली बाबा सर्किट’ का शुरुआती केंद्र होगा। गोमती नदी के किनारे स्थित इस मंदिर का निर्माण बाबा नीम करौली महाराज की प्रेरणा से हुआ था। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (UPSTDC) के मार्गदर्शित पर्यटन भ्रमण यहीं से शुरू किए जाएंगे।
मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बैठने की बेहतर व्यवस्था, आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल और संचार केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मंदिर परिसर में बाबा नीम करौली की दो मूर्तियां और हनुमान जी का विग्रह स्थापित है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाबा नीम करौली महाराज ने यहां स्थापित हनुमान जी को ‘सभी हनुमानों का गवर्नर जनरल’ कहा था। यह भी बताया जाता है कि गोमती नदी पर पुल निर्माण के दौरान बार-बार पिलर गिरने पर बाबा ने वहां हनुमान मंदिर बनाने की सलाह दी थी। मंदिर बनने के बाद पुल का निर्माण पूरा होने की बात कही जाती है।
चार प्रमुख स्थलों को जोड़ेगा सर्किट:
पर्यटन विभाग ने बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़ते हुए ‘नीम करौली बाबा सर्किट’ तैयार किया है। इसमें फिरोजाबाद की जन्मस्थली, फर्रुखाबाद की तपोस्थली, लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर और वृंदावन का समाधि स्थल शामिल है।
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (UPSTDC) की ओर से दिल्ली और लखनऊ से 2, 3 और 5 दिनों के पर्यटन पैकेज शुरू किए गए हैं। 3 दिन और 2 रात के पैकेज का बजट वाहन और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर 10 हजार से 18 हजार रुपये तक बताया गया है। इसमें कार, इनोवा और टेम्पो ट्रैवलर की सुविधा उपलब्ध है।
पर्यटक निगम की आधिकारिक वेबसाइट या फोन नंबर 9149099890 के माध्यम से बुकिंग करा सकते हैं।
पुश्तैनी घर के मालिकाना हक को लेकर विवाद:
नीम करौली बाबा का बचपन जिस घर में बीता, उसे लेकर अब विवाद सामने आया है। बाबा की छह पोतियों ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर ट्रस्ट के सचिव संजय गुप्ता पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। शिकायत में पुश्तैनी घर से जुड़े मालिकाना हक को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
पोतियों की शिकायत और लगाए गए आरोपों के आधार पर अब यह सवाल सामने है कि बाबा के पुश्तैनी घर का मालिकाना हक किसके पास है और पोतियों ने ट्रस्ट के सचिव पर कब्जे का आरोप किन आधारों पर लगाया है। इस मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष दी गई है।
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