गाजीपुर में जाम से जनता परेशान, टोटो के साथ अतिक्रमण पर भी उठे सवाल
गाजीपुर शहर में इन दिनों यातायात व्यवस्था को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। शहर के भूतियाताड़ से लेकर लंका, विशेश्वरगंज, खोवा मंडी और रौजा तक लगातार जाम की स्थिति बने रहने की बात सामने आ रही है। बुधवार को भी जाम के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति ऐसी रही कि कुछ यात्रियों को टोटो से उतरकर पैदल ही अपनी मंजिल की ओर जाना पड़ा। इस दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी भी दिखाई दी।
कई प्रमुख मार्गों पर जाम से परेशानी:
शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाम की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। भूतियाताड़, लंका, विशेश्वरगंज, खोवा मंडी और रौजा तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की बात कही जा रही है। जाम के बीच यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार को भी यातायात का दबाव इतना अधिक दिखाई दिया कि टोटो से सफर कर रहे कुछ यात्रियों को वाहन से उतरकर पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा। इससे लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। यात्री शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते भी दिखाई दिए।
क्या सिर्फ टोटो चालकों पर कार्रवाई से समाधान होगा?:
शहर में जाम की स्थिति को लेकर एक अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यातायात व्यवस्था बिगड़ने के लिए सिर्फ टोटो चालक ही जिम्मेदार हैं। टोटो के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठने के साथ ही सड़क और पटरी पर मौजूद अन्य कारणों पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है।

शहर की कई सड़कों के किनारे और पटरी पर जगह-जगह फल विक्रेताओं के ठेले और दुकानें लगी दिखाई देती हैं। इससे पैदल चलने वाले लोगों और वाहनों के लिए उपलब्ध सड़क की जगह कम होती नजर आती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए केवल टोटो चालकों पर कार्रवाई पर्याप्त है या सड़क और पटरी की स्थिति पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
सड़क और पटरी पर अतिक्रमण को लेकर सवाल:
शहर में जाम की समस्या के बीच सड़क और पटरी पर लगे ठेले और दुकानों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि सड़क किनारे और पटरी पर अधिक स्थान घिरने से वाहनों के लिए सड़क की उपलब्ध जगह कम होती है, तो इसका असर यातायात पर पड़ना स्वाभाविक रूप से लोगों की चिंता का विषय बन रहा है।
ऐसे में सवाल यह है कि जब टोटो चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो क्या सड़क और पटरी पर अतिक्रमण करके लगाए गए ठेलों और दुकानों पर भी उसी तरह कार्रवाई होती है। शहरवासियों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए जिम्मेदारी सभी संबंधित पक्षों के स्तर पर तय होनी चाहिए।
गाजीपुर की जनता मांग रही जवाब:
गाजीपुर शहर में रोजाना जाम की स्थिति से परेशान लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा। यदि पटरी व्यस्त होने के कारण सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा है, तो ऐसी स्थिति में व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है, यह भी स्पष्ट होना जरूरी है।
शहरवासियों का सवाल है कि जाम से निपटने के लिए केवल टोटो चालकों पर कार्रवाई की जाएगी या सड़क और पटरी पर मौजूद हर तरह के अतिक्रमण को भी यातायात व्यवस्था से जुड़े मुद्दे के रूप में देखा जाएगा। जनता जानना चाहती है कि शहर को रोज-रोज लगने वाले जाम से आखिर कब राहत मिलेगी।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी