प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 17 सितंबर को 76 वर्ष के हो गए। उनके जन्मदिन के मौके पर उनकी दिनचर्या, खान-पान और काम करने के तरीके को लेकर एक बार फिर चर्चा है। हाल ही में नई दिल्ली में हुए ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान उनका व्यस्त कार्यक्रम भी सामने आया, जिसमें तीन दिनों में उन्होंने 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकातें भी शामिल थीं।
नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग मौकों पर अपनी दिनचर्या और खान-पान से जुड़ी कई बातें साझा की हैं। उनके बारे में लिखी गई किताबों और दिए गए साक्षात्कारों में भी उनकी सुबह जल्दी उठने, योग, ध्यान, साधारण शाकाहारी भोजन और व्यस्त कार्यक्रम का उल्लेख मिलता है।
सुबह जल्दी शुरू होती है दिनचर्या:
पत्रकार नीलांजन मुखोपाध्याय के साथ एक साक्षात्कार में नरेंद्र मोदी ने बताया था कि वह बहुत कम सोते हैं और सामान्य तौर पर साढ़े तीन से चार घंटे की नींद लेते हैं। उन्होंने बताया था कि वह सुबह करीब 4:30 से 4:45 बजे के बीच उठ जाते हैं और देर होने पर अधिकतम 5 बजे तक उठते हैं।
सुबह उठने के बाद टहलना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बताया गया है। वर्ष 2018 में विराट कोहली को फिटनेस चुनौती देते समय नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास के लॉन में बने एक विशेष पैदल मार्ग का वीडियो साझा किया था। उन्होंने बताया था कि यह पंचतत्व यानी पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश की अवधारणा से प्रेरित है।
उनकी सुबह की दिनचर्या में योग और ध्यान भी शामिल हैं। सूर्य नमस्कार का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री आवास में मौजूद गाय और मोर को खाना खिलाना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा बताया गया है। 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले के लिए रवाना होने से पहले भी उन्होंने गाय और मोर को खाना खिलाने का वीडियो साझा किया था।
करीब ढाई दशक से एक ही रसोइया:
नरेंद्र मोदी के खान-पान से जुड़ी जानकारी के मुताबिक करीब ढाई दशक से बद्री मीणा उनका खाना तैयार करते हैं। राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले बद्री 1990 के दशक में काम की तलाश में गुजरात पहुंचे थे। उस समय नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महासचिव थे। उनका बनाया खाना पसंद आने के बाद बद्री को स्थायी रसोइये के तौर पर काम मिला।
किशोर मकवाना की किताब ‘कॉमनमैन नरेंद्र मोदी’ में बताया गया है कि नाश्ते में नरेंद्र मोदी को पोहा पसंद है। इसके अलावा उनकी थाली में खिचड़ी, कढ़ी, उपमा और खाखरा जैसी चीजें शामिल रहती हैं। इसके साथ अदरक वाली चाय का भी उल्लेख मिलता है।
हाल की मीडिया रिपोर्टों में उनके नाश्ते में मौसमी फल, मखाना, उबली सब्जियां और साबुत अनाज शामिल होने की बात कही गई है। सहजन यानी मोरिंगा के पराठे का भी उल्लेख किया गया है।
खाने को लेकर पसंद-नापसंद कम:
‘नरेंद्र मोदी: ए पॉलिटिकल बायोग्राफी’ के लेखक एंडी मारिनो को दिए गए विवरण में मोदी ने बताया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दिनों में उन्हें अलग-अलग घरों में खाना खाना पड़ता था। इसी कारण उनके भीतर भोजन को लेकर खास पसंद या नापसंद नहीं बनी।
उनके अनुसार, भोजन शाकाहारी हो तो वह उसे समान रूप से अच्छा और स्वादिष्ट मानते हैं। उन्होंने उपवास और पूजा-पाठ से जुड़ी अपनी दिनचर्या के बारे में भी अलग-अलग मौकों पर जानकारी साझा की है।
चतुर्मास में एक बार भोजन का जिक्र:
हर वर्ष जून से नवंबर के बीच दिवाली तक करीब चार महीने केवल एक बार भोजन करने की बात नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष लेक्स फ्रिडमैन के साथ बातचीत में बताई थी। इसे उन्होंने चतुर्मास की परंपरा से जोड़ा था।
‘कॉमनमैन नरेंद्र मोदी’ में उनके हवाले से बताया गया है कि वह रोजाना अधिकतम दो घंटे पूजा करते हैं। नवरात्र में जाप और शक्ति की आराधना के साथ व्रत रखने का भी उल्लेख है। चैत्र नवरात्र में दिन में एक बार फल और आश्विन नवरात्र में केवल गर्म पानी लेने की बात कही गई है।
फरवरी 2026 में भाजपा सांसदों के साथ करीब 45 मिनट की बातचीत के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन ने बताया था कि नरेंद्र मोदी शाम छह बजे के बाद कुछ नहीं खाते।
मिनट-दर-मिनट तैयार होता है कार्यक्रम:
नरेंद्र मोदी के जनसंपर्क विभाग में 11 वर्ष काम कर चुके धीरेन अवाशिया के मुताबिक उनके काम के कार्यक्रम में बिना तय की गई कोई चीज अचानक शामिल नहीं होती। उनके अनुसार, स्टाफ मिनट-दर-मिनट के हिसाब से पूरा कार्यक्रम तैयार करता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, सुबह 9 बजे तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक जरूरी बैठक हो जाती है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम, यात्राओं और बैठकों का प्रबंधन प्रधानमंत्री कार्यालय की विशेष टीमें करती हैं।
इस व्यवस्था में तीन निजी सचिव विवेक कुमार, हार्दिक शाह और निधि तिवारी शामिल हैं, जो कार्यक्रम तैयार करने और उसे लागू कराने की जिम्मेदारी संभालते हैं। ओएसडी (अपॉइंटमेंट एंड टूर) संजय भावसार आधिकारिक यात्राओं, बैठकों के समय और मुलाकातों के समन्वय से जुड़े काम देखते हैं। प्रधान सचिव पीके मिश्रा प्रशासनिक प्राथमिकताओं और मंत्रिमंडल बैठकों के एजेंडे को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल करने की देखरेख करते हैं।
कपड़ों का चुनाव और ‘मोदी कुर्ता’:
बिपिन चौहान ने एक साक्षात्कार में बताया था कि नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा था कि वह आंखों, आवाज और कपड़ों के साथ समझौता नहीं कर सकते। बिपिन चौहान और उनके भाई जितेंद्र चौहान अहमदाबाद में ‘सुप्रीमो क्लोदिंग’ नाम की छोटी दुकान चलाते थे। उस समय नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक थे और यहीं से कुर्ते सिलवाते थे। बाद में चौहान बंधु ‘जेडब्ल्यू ब्लू’ ब्रांड के मालिक बने।
बिपिन चौहान को ‘मोदी कुर्ते’ के पीछे की सिलाई से जोड़कर देखा जाता है। वर्ष 2012 में नरेंद्र मोदी ने भी इसके लिए उन्हें श्रेय दिया था। हालांकि कई मौकों पर नरेंद्र मोदी ने खुद बताया है कि वह अपने कपड़ों के रंग और कपड़े का चुनाव स्वयं करते हैं।
उन्होंने बताया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहने के दौरान वह अपने कपड़े खुद धोते थे। लंबे आस्तीन वाले कुर्ते धोने और सुखाने में अधिक समय लेते थे, इसलिए उन्होंने आस्तीन छोटी कर ली थी। उनके अनुसार, यह किसी डिजाइनर की योजना नहीं बल्कि सुविधा के लिए अपनाया गया तरीका था।
मां हीराबा से जुड़ी रही भावनात्मक यादें:
नरेंद्र मोदी ने परिवार छोड़ दिया था, लेकिन अपनी मां हीराबा से उनके लगाव का उल्लेख कई जगह मिलता है। 17 वर्ष की उम्र में जब उन्होंने दो वर्ष के लिए घर छोड़ा था, तब भी उनके झोले में मां की तस्वीर रहने की बात कही गई है।
वर्ष 2022 में हीराबा के निधन से पहले तक नरेंद्र मोदी हर वर्ष अपने जन्मदिन पर उनका आशीर्वाद लेने जाते थे। लेखक एंडी मारिनो ने भी नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व को लेकर अपनी किताब में कुछ टिप्पणियां दर्ज की हैं। उन्होंने लिखा कि नरेंद्र मोदी को अक्सर अकेले रहने वाला व्यक्ति माना जाता है, लेकिन उनके अनुसार उनमें भावनात्मक ठहराव भी दिखाई देता है।
भाषण की तैयारी से लेकर फोन तक:
प्रधानमंत्री कार्यालय में वर्ष 2021 में सूचना का अधिकार के तहत यह सवाल पूछा गया था कि नरेंद्र मोदी के भाषण तैयार करने में कौन-कौन शामिल रहता है। जवाब में बताया गया कि कार्यक्रम की प्रकृति के अनुसार संबंधित व्यक्तियों, अधिकारियों, विभागों और संगठनों से जानकारी ली जाती है और इसके बाद नरेंद्र मोदी खुद अपने भाषण को अंतिम रूप देते हैं।
सुरक्षा कारणों से उनके सामान्य स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्टें सामने आती रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बातचीत के लिए विशेष सुरक्षित फोन का इस्तेमाल किया जाता है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्हें आईफोन इस्तेमाल करते हुए देखा गया है, हालांकि रिपोर्टों में इसे तस्वीरें लेने के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है।
विदेश यात्रा में भी दिनचर्या रहती है तय:
विदेश यात्राओं के दौरान नरेंद्र मोदी अपनी जैविक घड़ी को मेजबान देश के समय के अनुसार ढालने की कोशिश करते हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, यदि भारत से रवाना होने के समय मेजबान देश में दिन होता है तो यात्रा के दौरान वह सोने के बजाय काम और बैठकों में समय बिताते हैं।
विदेश पहुंचने के बाद भी उनकी दिनचर्या में सुबह जल्दी उठना, योग-ध्यान, हल्का भोजन और मुलाकातें शामिल रहने की बात कही गई है। हालिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। तीन दिनों में 15 द्विपक्षीय बैठकों के अलावा कई अन्य मुलाकातें हुईं। (The Times of India)
छुट्टी को लेकर क्या कहते रहे हैं मोदी:
नरेंद्र मोदी कई साक्षात्कारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने निजी छुट्टी नहीं ली। ‘कॉमनमैन नरेंद्र मोदी’ में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 वर्ष के कार्यकाल के दौरान छुट्टी नहीं लेने का उल्लेख है। वर्ष 2016 में दायर एक सूचना का अधिकार आवेदन के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी उनके पद संभालने के बाद छुट्टी नहीं लेने की जानकारी दिए जाने का उल्लेख किया गया था।
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