लखनऊ में TET पास अभ्यर्थियों का प्रदर्शन:डिप्टी सीएम से मिले, बोले- 60,958 पदों पर विज्ञापन दीजिए
लखनऊ में सोमवार को बीटीसी, डीएलएड और टीईटी अभ्यर्थियों ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अपनी मांग लेकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे। अभ्यर्थियों ने सरकार से प्रदेश में रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और जल्द विज्ञापन जारी करने की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में पद खाली होने का असर सीधे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों के 12,075 पद और ग्रामीण क्षेत्रों में 48,883 पद रिक्त हैं। इस तरह प्रदेशभर में कुल 60,958 शिक्षक पद खाली बताए गए हैं।
रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग:
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने में कठिनाई होती है। उनका कहना है कि जब विद्यालयों में शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली हैं, तो इन पदों को भरने की दिशा में जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती शुरू होने से दो महत्वपूर्ण समस्याओं का समाधान हो सकता है। एक तरफ योग्य युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
आठ साल से भर्ती विज्ञापन का इंतजार:
वाराणसी से प्रदर्शन में पहुंचे शिवांशु पांडे ने कहा कि वह उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से नौकरी की मांग को लेकर लखनऊ पहुंचे हैं। उनका कहना है कि पिछले आठ वर्षों से बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। पात्र अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती विज्ञापन जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
शिवांशु पांडे ने कहा कि पात्र होने के बावजूद युवाओं को कई वर्षों से भर्ती विज्ञापन का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे देश के नागरिक और मतदाता नहीं हैं या उनमें नौकरी पाने की योग्यता नहीं है। उनका कहना है कि योग्य होने के बावजूद रोजगार का अवसर नहीं मिलना अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, मौजूदा समय में प्रदेश में करीब 20 लाख युवा शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, जो प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए पात्र हैं। उनका कहना है कि वर्षों से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को अब भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
परिवार की जिम्मेदारियों का भी दिया हवाला:
अलीगढ़ से प्रदर्शन में शामिल होने आए सुरेंद्र ने कहा कि शिक्षा मंत्री उनके जनपद से हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी वजह से उन्हें अपनी मांग लेकर लखनऊ में उप मुख्यमंत्री के आवास तक आना पड़ा।
सुरेंद्र के मुताबिक, अभ्यर्थी पिछले आठ वर्षों से प्राथमिक शिक्षक भर्ती के विज्ञापन का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवार भी नौकरी मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। एक व्यक्ति की नौकरी पर कई परिवारों की आर्थिक जिम्मेदारियां निर्भर होती हैं।
उन्होंने कहा कि नौकरी मिलने की उम्मीद से परिवार के कई जरूरी काम पूरे होने की आशा रहती है। इनमें माता-पिता का बेहतर इलाज और बहन की शादी जैसी जिम्मेदारियां भी शामिल हैं। ऐसे में सरकार को प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी करना चाहिए।
सरकार से जल्द विज्ञापन जारी करने की अपील:
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि सरकारी विद्यालयों में खाली पड़े शिक्षक पदों को जल्द भरा जाए। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार मिलेगा और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
अभ्यर्थियों ने रिक्त पदों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली हैं। उनका आग्रह है कि इन पदों को भरने के लिए प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी किया जाए।
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