लखनऊ में सर्राफा कारोबारियों से जुड़ी लूट और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने एक नई और सख्त पहल शुरू की है। अब यदि कोई सर्राफा कारोबारी रात में कीमती सामान या नकदी लेकर निकलता है, तो वह पुलिस की सुरक्षा में जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य अपराधियों पर लगाम लगाना और व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा देना है।
कीमती सामान या नकदी ले जाने पर मिलेगी पुलिस सहायता:
लखनऊ पुलिस ने कहा है कि यदि कोई ज्वेलरी व्यापारी या सर्राफा कारोबारी रात में बड़ी मात्रा में सोना, चांदी या कैश लेकर जा रहा है, तो वह “डायल 112” (Dial 112) पर कॉल कर पुलिस से मदद ले सकता है। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यापारी को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। यह कदम हाल के महीनों में हुई कई लूट की वारदातों को देखते हुए उठाया गया है।
कारीगरों और नौकरों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी:
पुलिस ने सर्राफा व्यापारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने प्रतिष्ठान में काम करने वाले हर कर्मचारी, कारीगर और नौकर का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) कराएं। बिना सत्यापन के किसी को भी काम पर न रखें। इस नियम का उद्देश्य आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना और अंदरूनी जानकारी के दुरुपयोग को रोकना है।
सर्राफा कारोबारियों के लिए सुरक्षा के नए मानक:
लखनऊ पुलिस (Lucknow Police) ने यह भी स्पष्ट किया है कि व्यापारी अपने स्टाफ का डिटेल स्थानीय थाने में जमा कराएं। वहीं, रात में सामान के आवागमन के दौरान सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाए। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सख्ती से अपराधियों में डर बनेगा और व्यापारियों को भी सुरक्षा का एहसास होगा।
पुलिस की अपील और व्यापारियों की प्रतिक्रिया:
पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की है कि वे सुरक्षा के इन नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना “डायल 112” पर दें। कई सर्राफा व्यापारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे उनके व्यापार में सुरक्षा और भरोसे का माहौल बनेगा।
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