लखनऊ में डिप्टी सीएम स्टाफ पर हिंसक हमला

रिपोर्ट: सऊद अंसारी



Lucknow: लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कार्यालय में तैनात कर्मचारी रवींद्र शुक्ला पर 2 अक्टूबर की रात जानलेवा हमला हुआ। रवींद्र शुक्ला अपनी परिवार सहित कार से घर लौट रहे थे, तभी नशे में धुत एक युवक ने उनकी कार को टक्कर मारी। रवींद्र ने विरोध किया, लेकिन आरोपी ने कहा कि “आगे चलकर हिसाब कर लेंगे” और कार लेकर चला गया। रवींद्र ने आरोपी का पीछा किया और उसे उसके घर कौशलपुरी, खरगापुर तक पहुँचा दिया।

लोहे की रॉड से हमला:


घर पहुंचते ही कार चालक और उसके दो बेटों ने रवींद्र शुक्ला पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। रवींद्र के सिर पर वार करने से वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। आरोपी और उसके बेटे इस दौरान गाली-गलौज कर रहे थे।

बेटी के साथ अभद्रता:


रवींद्र के अनुसार आरोपी और उसके बेटों ने उनकी बेटी के साथ भी धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया। घटना के समय परिवार मानसिक और शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुआ।

अस्पताल में भर्ती और पुलिस कार्रवाई:


हमले के बाद स्थानीय लोगों ने रवींद्र शुक्ला को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। रवींद्र ने गोमतीनगर विस्तार थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही विधिक कार्रवाई की बात कही है।

आरोपी की पहचान और विवाद:


सूत्रों के अनुसार, हमला करने वाला व्यक्ति लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच में इंस्पेक्टर है। घटना ने पुलिस की कार्यशैली और अधिकारियों के भीतर अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय प्रतिक्रिया:


घटना के समय पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। लोग रवींद्र शुक्ला के घायल होने पर आक्रोशित दिखे और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना ने क्षेत्रवासियों में सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है।

जांच की दिशा:


पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी तरह से जांच शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही तय करने की भी संभावना है। घटना की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी की स्थिति का दुरुपयोग हुआ या नहीं।

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