लखनऊ (Lucknow) में कोडीन युक्त कफ सिरप की कथित अवैध तस्करी से जुड़े मामले की जांच अब एबॉट कंपनी (Abbott) के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंच गई है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को जांच के दौरान कंपनी के कुछ अधिकारियों व कर्मियों के तस्करी सिंडिकेट के संपर्क में होने के संकेत मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, अभी किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है और सामने आए साक्ष्यों की पुष्टि की जा रही है।
सिंडिकेट से संपर्क के संकेत मिले:
कफ सिरप की अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल के दौरान एसटीएफ को ऐसे प्रमाण मिलने की जानकारी है, जिनसे एबॉट कंपनी के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के कथित तौर पर तस्करी सिंडिकेट के संपर्क में होने के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जोड़कर देख रही है।
एसटीएफ की जांच का प्रमुख केंद्र यह पता लगाना है कि संदिग्ध अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका क्या थी और उनका कथित रूप से तस्करी नेटवर्क से किस तरह संपर्क रहा। इसके लिए उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
बातचीत और आर्थिक लेन-देन की जांच:
जांच के दौरान संदिग्ध अधिकारियों-कर्मचारियों और तस्करी सिंडिकेट के बीच हुई कथित बातचीत को भी जांच के दायरे में रखा गया है। एजेंसी संबंधित रिकॉर्ड को खंगाल रही है, ताकि बातचीत की प्रकृति और उसके पीछे की परिस्थितियों को समझा जा सके।
इसके साथ ही कथित आर्थिक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी इन रिकॉर्ड के आधार पर यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध कर्मियों और तस्करी नेटवर्क के बीच किसी प्रकार का वित्तीय संबंध था या नहीं।
सिरप की आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज खंगाले:
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू कंपनी की ओर से कफ सिरप की आपूर्ति से संबंधित दस्तावेज हैं। एसटीएफ यह देख रही है कि संबंधित सिरप की आपूर्ति किन परिस्थितियों में की गई थी और इस प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन हुआ था या नहीं।
आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के जरिए यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी तो नहीं हुई। इसी आधार पर संदिग्ध अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
पुराने रिकॉर्ड और कथित मामलों की भी जानकारी जुटाई:
मौजूदा प्रकरण की जांच के साथ एजेंसी ने कंपनी के पुराने इतिहास से जुड़ी जानकारी भी जुटाई है। इसके अलावा विभिन्न देशों में कंपनी के खिलाफ हुई कथित कार्रवाइयों और दर्ज मामलों से संबंधित जानकारियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
जांच एजेंसी इन पुराने रिकॉर्ड और जानकारियों का मौजूदा मामले में सामने आए साक्ष्यों के साथ मिलान कर रही है। इसका उद्देश्य उपलब्ध तथ्यों के बीच किसी संभावित संबंध को समझना और मौजूदा जांच को साक्ष्य के आधार पर आगे बढ़ाना है।
साक्ष्यों की पुष्टि के बाद तय होगी कार्रवाई:
फिलहाल जांच एजेंसी के सामने आए साक्ष्यों की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
एसटीएफ की ओर से पुख्ता प्रमाण मिलने और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी। मौजूदा स्थिति में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी ठहराने का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
इस तरह लखनऊ में कोडीन युक्त कफ सिरप की कथित तस्करी से जुड़े मामले की जांच अब आपूर्ति प्रक्रिया, कथित संपर्क, आर्थिक लेन-देन और संबंधित रिकॉर्ड के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित है। जांच पूरी होने और साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Tags: #Lucknow #Abbott #STF #CoughSyrup #Smuggling #Investigation
