लखनऊ में बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय के गठन के परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिन लोगों के बारे में पहले ज्यादा चर्चा नहीं होती थी, जैसे टैक्सी चालक, अब वे पंजीकरण के साथ बिना कमीशन के भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा कि इससे चालकों को सामाजिक सुरक्षा के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।
टैक्सी चालकों को सामाजिक सुरक्षा का जिक्र:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब तक टैक्सी चालकों को सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त सहारा नहीं मिलता था और उन्हें अपने स्तर पर काम करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जब चालक अपनी गाड़ी पर भारत टैक्सी लिखवाएगा तो उसे गर्व महसूस होगा कि वह देश की टैक्सी सेवा का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने 5 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा गारंटी का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार भारत टैक्सी से यात्रियों और चालकों दोनों को सुविधा मिलेगी। इसमें ऑटो-रिक्शा, कार और बाइक की सेवा उपलब्ध होने की बात कही गई है। भारत टैक्सी की सेवा लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भी शुरू होने की जानकारी कार्यक्रम में दी गई।
भारत टैक्सी के साथ कई योजनाओं का शुभारंभ:
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का पोर्टल और उर्वरक-बीज से जुड़ा सेतु ऐप भी लॉन्च किया। उन्होंने किसानों को ऋण के चेक और टैक्सी चालकों को टैक्सी के प्रमाण पत्र सौंपे। इसके बाद भारत टैक्सी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और स्वयं कैब में सवारी भी की। कार्यक्रम में किसानों और टैक्सी चालकों से जुड़ी योजनाओं को लेकर जानकारी दी गई।
योगी ने सहकारिता और किसानों पर रखी बात:
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश में सहकारिता और किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले सहकारी बैंकों से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जाता था, जिसे घटाकर 6 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने 10 लाख रुपये तक के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने और 5 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को ऋण सुविधा देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था और सड़क की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय वाहन चोरी और अन्य समस्याओं को लेकर लोगों में चिंता रहती थी। उन्होंने सहकारिता व्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका लाभ सकारात्मक सोच और सही नेतृत्व के माध्यम से समाज तक पहुंचाया जा सकता है।
सीसीटीवी और सिंचाई व्यवस्था का किया उल्लेख:
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 14 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे चोरी जैसी घटनाओं पर कार्रवाई में मदद मिल रही है। किसानों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पहले किसान परेशान और निराश थे तथा बिचौलियों का प्रभाव था। उन्होंने 2017 में किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के ऋण माफ किए जाने का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने सरयू नगर, अर्जुन सहायक, बाण सागर और मध्य गंगा परियोजनाओं का जिक्र करते हुए सिंचाई सुविधाओं की बात कही। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में 24 लाख अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा मिली है। उन्होंने किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की बात भी कही।
ब्रजेश पाठक ने भारत टैक्सी अपनाने की अपील की:
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कार्यक्रम में भारत टैक्सी को अपनाने की बात कही। उन्होंने इसे अपना पैसा, अपनी मोटर और अपना चालक बताया। निजी कंपनियों की टैक्सी सेवा का जिक्र करते हुए उन्होंने लोगों से अपनी टैक्सी चलाने पर जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले विभाग घाटे में रहता था, जबकि अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के नेतृत्व में इसमें बदलाव आया है। उन्होंने अपने संबोधन में पिछली समाजवादी पार्टी सरकार के समय की व्यवस्था और मौजूदा व्यवस्था के बीच अंतर का भी उल्लेख किया।
मुरलीधर ने सहकारिता पहल की जानकारी दी:
केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में भी भारत टैक्सी सेवा शुरू की जा रही है। उनके अनुसार भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय की पहल है।
कार्यक्रम से पहले जारी जानकारी के अनुसार भारत टैक्सी के चालकों को शेयर प्रमाण पत्र दिए जाने की व्यवस्था भी की गई थी। साथ ही किसानों को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
भारत टैक्सी से यात्रियों और चालकों को क्या सुविधा:
भारत टैक्सी की सेवा लेने के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐप को ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसमें हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी भाषा का विकल्प बताया गया है।
चालकों के लिए हर सवारी की पूरी कमाई मिलने की बात कही गई है। इसके बदले उन्हें दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा। सेवा को सरकारी पहल से जुड़ा होने के कारण पारदर्शिता और नियमन के लिहाज से अलग मॉडल के रूप में बताया गया है।
किराया बढ़ने की व्यवस्था पर भी चर्चा:
भारत टैक्सी के संबंध में यह भी बताया गया कि अधिक व्यस्त समय में किराए में अचानक बढ़ोतरी से यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए किराया स्थिर रखने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक और भरोसेमंद सेवा उपलब्ध कराना बताया गया है।
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