Report: Harsh Gupta
लखीमपुर खीरी। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2017 से भगवान वाल्मीकि जयंती पर घोषित सार्वजनिक अवकाश को समाप्त करने के फैसले के विरोध में पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी ने जोरदार नाराजगी जताई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में बिलोबी हाल में सभा का आयोजन किया गया, जिसमें वाल्मीकि समाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
सभा में वाल्मीकि समाज के लोगों ने इस फैसले को आस्था और धार्मिक परंपरा के प्रति गंभीर अनादर बताया। उपस्थित लोगों ने कहा कि भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव समाज के लिए गर्व और सम्मान का अवसर है, और इसे सार्वजनिक अवकाश के बिना पूरी तरह से मनाना मुश्किल हो जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
सभा के बाद प्रतिनिधिमंडल पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई कि आगामी 7 अक्टूबर 2025 को पड़ने वाले भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव के अवसर पर प्रदेश सरकार सार्वजनिक अवकाश घोषित करे।
राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि यह दिन केवल धार्मिक उत्सव का ही नहीं, बल्कि वाल्मीकि समाज की पहचान और गर्व का प्रतीक भी है। उन्होंने यह भी मांग की कि नगर निकायों और पंचायत राज विभाग में कार्यरत वाल्मीकि समाज के सफाईकर्मियों को उस दिन ड्यूटी से मुक्त रखा जाए। साथ ही, गैर-वाल्मीकि कर्मचारियों की विशेष टीम बनाकर साफ-सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि धार्मिक कार्यक्रम बाधित न हों।
चेतावनी और आंदोलन की संभावना
पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार को चेताया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे देशव्यापी आंदोलन चलाकर इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल लखीमपुर खीरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे प्रदेश और देश में वाल्मीकि समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
मुख्य मांगें
- 7 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।
- वाल्मीकि समाज के कर्मियों को ड्यूटी से मुक्त रखा जाए।
- साफ-सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस सभा और ज्ञापन के जरिए पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी ने साफ संकेत दे दिया है कि वाल्मीकि समाज के धार्मिक अधिकारों और आस्था का मुद्दा उनके लिए सर्वोपरि है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

