लखीमपुर: दुधवा के जंगलों में 3-4 फीट तक पानी, हाथियों पर बैठकर हथियारों के साथ गश्त कर रहे वनकर्मी
लखीमपुर में विगत कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) के कई वन क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। मानसून के दौरान दुधवा के वन क्षेत्रों में इस तरह की स्थिति हर वर्ष देखने को मिलती है, लेकिन इस बार लगातार बारिश होने की वजह से ऐसे इलाकों में भी पानी भर गया है, जहां सामान्य तौर पर जलभराव नहीं होता। पानी भरने के कारण वन क्षेत्रों में गश्त करना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद दुधवा के कर्मचारी वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त कर रहे हैं।
कमर तक पानी में गश्त कर रहे कर्मचारी:
लगातार बारिश के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व के कई हिस्सों में पानी भर गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में गश्त करना कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। कई स्थानों पर कर्मचारी कमर तक पानी में चलकर वन क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। इसके बावजूद वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग और निगरानी का कार्य लगातार जारी है।
दुधवा के उपनिदेशक जगदीश आर (Jagdish R) ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान आने वाली इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए पहले से ही सशक्त तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं।
सुरक्षा के लिए लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी:
वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपलब्ध संसाधनों की सहायता से वन क्षेत्र में निरंतर पेट्रोलिंग और निगरानी कर रहे हैं। जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों के बावजूद वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गश्त का कार्य जारी रखा गया है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए वन क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलभराव वाले क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारी गश्त कर रहे हैं।
आकस्मिक स्थिति के लिए रैपिड रिस्पांस टीम गठित:
मानसून के दौरान आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रभागीय स्तर से क्षेत्रीय वन अधिकारी पर्यटन रेंज के नेतृत्व में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। यह टीम आकस्मिक स्थितियों के निपटान के लिए तैयार की गई है।
दुधवा के उपनिदेशक के अनुसार, मानसून सत्र की संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पूर्व से ही तैयारियां की गई हैं। इसी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से पेट्रोलिंग और निगरानी जारी है।
लगातार बारिश से बढ़ी गश्त की चुनौती:
इस बार लगातार बारिश के कारण उन वन क्षेत्रों में भी पानी भर गया है, जहां सामान्य परिस्थितियों में जलभराव नहीं रहता। ऐसे क्षेत्रों में पानी भरने से कर्मचारियों के लिए गश्त करना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद दुधवा के कर्मचारी वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लगातार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
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