कश्मीर में हिजबुल्लाह जैसे ड्रोन अटैक का खतरा:6 जगह टारगेट, पाकिस्तान से 4 आतंकी घुसे; एक लेबनानी-एक कसाब का पड़ोसी

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंकियों की नई साजिश को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार पाकिस्तान के रास्ते कुछ संदिग्ध आतंकी भारतीय सीमा में दाखिल हुए हैं। इनमें एक आतंकी लेबनान (Lebanon) से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसको लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी संगठन हिजबुल्लाह (Hezbollah) की तर्ज पर ड्रोन और आत्मघाती हमलों की तैयारी की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू कश्मीर के कई संवेदनशील इलाकों में निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

खुफिया एजेंसियों को मिला अलर्ट इनपुट:
सूत्रों के मुताबिक 26 अप्रैल को सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि लेबनान निवासी संदिग्ध आतंकी शादाब बाजी उर्फ मोहम्मद उस्मान पाकिस्तान के रास्ते भारत में घुसपैठ कर चुका है। उसके साथ तीन अन्य पाकिस्तानी आतंकियों के भी दाखिल होने की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि इन आतंकियों की उम्र 23 से 25 साल के बीच है और इनका मकसद कश्मीर घाटी में बड़े हमलों को अंजाम देना हो सकता है।

ड्रोन हमलों की आशंका से बढ़ी चिंता:
खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लेबनान का आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ड्रोन हमलों और आत्मघाती रणनीति में माहिर माना जाता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि घुसपैठ करने वाले आतंकी कश्मीर में सैन्य ठिकानों और संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं। एजेंसियों को कुछ संभावित टारगेट की जानकारी भी मिली है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

पुंछ इलाके से घुसपैठ की आशंका:
रिपोर्ट्स के अनुसार आतंकियों के पुंछ (Poonch) जिले के गगरिया और कुंडे नाला इलाके से घुसपैठ करने की आशंका जताई गई है। यह क्षेत्र नियंत्रण रेखा यानी LoC के बेहद करीब माना जाता है और यहां पहाड़ी तथा घने जंगल होने के कारण घुसपैठ का खतरा अधिक रहता है। खुफिया एजेंसियों का दावा है कि स्थानीय स्तर पर दो संदिग्ध गाइडों ने आतंकियों की मदद की। दोनों गाइड जम्मू (Jammu) के रियासी (Reasi) क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।

हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रहे आतंकी:
सूत्रों के मुताबिक घुसपैठ करने वाले आतंकी जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रहे हैं। इनमें पाकिस्तान निवासी जाकिर खान, जुल्फखान शिकारी उर्फ आमिर खान, मीर हमजा उर्फ अबू और लेबनान निवासी शादाब बाजी शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसियों का मानना है कि ये आतंकी स्थानीय नेटवर्क की मदद से घाटी में सक्रिय हो सकते हैं।

ओवर ग्राउंड वर्कर नेटवर्क सक्रिय:
सुरक्षा एजेंसियों को यह भी इनपुट मिला है कि लश्कर-ए-तैयबा ने अपने ओवर ग्राउंड वर्कर यानी OGW नेटवर्क को दोबारा सक्रिय कर दिया है। इनके जरिए संवेदनशील ठिकानों, सुरक्षा गतिविधियों और आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार आतंकियों के निशाने पर कई महत्वपूर्ण स्थान हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

ISI समर्थित नेटवर्क पर भी नजर:
खुफिया रिपोर्ट्स में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े शहजाद भट्टी का नाम भी सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि वह दुबई (Dubai) में रहकर जम्मू कश्मीर के युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। एजेंसियों के अनुसार युवाओं को ग्रेनेड हमलों और आतंकी गतिविधियों से जोड़ने की आशंका को लेकर जांच जारी है। हाल ही में महाराष्ट्र ATS की कार्रवाई में कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जानकारी भी सामने आई थी।

पूर्व अधिकारियों ने जताई चिंता:
जम्मू कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद ने मीडिया रिपोर्ट्स में कहा कि पहले भी सीमा पार से विदेशी आतंकियों की घुसपैठ के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क रहने की जरूरत है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार निगरानी कर रही हैं।

#JammuKashmir #Hezbollah #TerrorAlert #Pakistan #DroneAttack

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading