गाजीपुर (Ghazipur) के बिरनो थाना क्षेत्र में स्थित हंसराजपुर-भड़सर संपर्क मार्ग की वर्षों पुरानी नियाव पुलिया अब स्थानीय लोगों के लिए चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। पुलिया की हालत लगातार खराब होती जा रही है और भारी वाहनों के गुजरते ही यह पूरी तरह कांपने लगती है। पुलिया में आई गहरी दरारों और उखड़ चुकी सड़क को देखकर ग्रामीण किसी बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं। लगातार ओवरलोड ट्रकों, डंपरों और ट्रेलरों की आवाजाही से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पुलिया में आई गहरी दरारें:
स्थानीय लोगों के अनुसार नियाव पुलिया की जॉइंट जगह-जगह से टूट चुकी है। पुलिया के ऊपर बनी पिच उखड़ने लगी है और भारी वाहनों के दबाव के चलते पुलिया की संरचना कमजोर दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी बड़े वाहन पुलिया से गुजरते हैं, पूरी पुलिया हिलने लगती है। इससे लोगों को डर है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन सक्रिय:
लगातार शिकायतों के बाद जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) ने मामले का संज्ञान लिया है। ग्रामीणों ने पुलिया की जर्जर स्थिति और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को लेकर प्रशासन से कई बार शिकायत की थी। इसके बाद डीएम ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है। प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिए जाने के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
ओवरलोड वाहनों से बढ़ा खतरा:
ग्रामीणों का आरोप है कि यह मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इस रास्ते का उपयोग भारी वाहन चालक कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बिरनो टोल प्लाजा का शुल्क बचाने के लिए ट्रक और डंपर चालक इस संपर्क मार्ग से गुजरते हैं। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क और पुलिया दोनों की हालत खराब हो चुकी है।
पहले लगाया गया था हाइट गेज बैरियर:
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व जिलाधिकारी आर्यका अखौरी (Aryaka Akhauri) ने पुलिया की स्थिति को देखते हुए यहां भारी वाहनों की एंट्री रोकने के लिए हाइट गेज बैरियर लगवाया था। उस समय प्रशासन की इस कार्रवाई की काफी सराहना हुई थी और ग्रामीणों को राहत भी मिली थी। हालांकि अब वह बैरियर हटा दिया गया है, जिसके बाद एक बार फिर ओवरलोड वाहनों का संचालन शुरू हो गया है।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल:
स्थानीय लोगों का कहना है कि आखिर वह बैरियर किसके आदेश पर हटाया गया और भारी वाहनों को दोबारा इस मार्ग से गुजरने की अनुमति कैसे दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से पुलिया की हालत लगातार खराब हो रही है। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
कई गांवों के लिए अहम संपर्क मार्ग:
नियाव पुलिया हंसराजपुर, जयरामपुर, भड़सर समेत कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है। यदि पुलिया किसी कारणवश क्षतिग्रस्त होकर बंद हो जाती है तो हजारों ग्रामीणों को लगभग 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इसका असर किसानों, छात्रों, व्यापारियों और आम यात्रियों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
स्कूलों के पास से गुजरते हैं भारी वाहन:
ग्रामीणों की चिंता इस वजह से भी बढ़ गई है क्योंकि इस मार्ग के आसपास कई स्कूल और शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में तेज रफ्तार ओवरलोड वाहनों की आवाजाही कभी भी किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिया की तकनीकी जांच कराकर तत्काल मरम्मत कराई जाए और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए।
डीएम की कार्रवाई पर टिकी निगाहें:
अब क्षेत्र के लोगों की निगाहें जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही पुलिया की मरम्मत, तकनीकी निरीक्षण और ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सख्त कदम उठाएगा, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
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रिपोर्ट: प्रदीप शर्मा
ब्यूरो : हसीन अंसारी

