पिछले एक-दो दिनों से सोशल मीडिया पर काशी के मंदिरों और मणिकर्णिका घाट से जुड़े कुछ वीडियो तेजी से वायरल हुए। इन वीडियो में मंदिरों को तोड़े जाने और घाट पर तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए, जिससे धार्मिक आस्था और जनभावनाओं से जुड़ा मामला बन गया। इन्हीं आरोपों और दुष्प्रचार के जवाब के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मीडिया के सामने आए और पूरे मामले पर विस्तार से स्थिति स्पष्ट की।
मुख्यमंत्री ने वायरल वीडियो की सत्यता को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में काशी में हुए समग्र विकास कार्यों को बाधित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, उससे जनता को भ्रमित किया जा रहा है। सही तथ्य लोगों के सामने आ सकें, इसी उद्देश्य से उन्होंने स्वयं सामने आकर स्थिति स्पष्ट करना जरूरी समझा।
काशी की आस्था और विकास का संतुलन:
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी के प्रति हर सनातन धर्मावलंबी और हर भारतवासी के मन में गहरी श्रद्धा है। बावजूद इसके, स्वतंत्र भारत में काशी को वह सम्मान और विकास नहीं मिल पाया, जिसकी वह हकदार थी। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में काशी ने एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उनका संवर्धन किया है। इसके साथ ही भौतिक विकास के जरिए भी काशी ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। विकास और विरासत के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कार्य किए गए हैं, न कि किसी आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए।
मंदिर तोड़े नहीं गए, हुआ पुनरुद्धार:
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम (Kashi Vishwanath Dham) का निर्माण हो रहा था, तब भी कांग्रेस ने सफेद झूठ फैलाया था कि मंदिर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आरोप पूरी तरह गलत हैं। जिन मंदिरों की बात की जा रही है, उनका पुनरुद्धार किया गया है। पहले वे मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थे, आज उनका स्वरूप बेहतर हुआ है और वे पहले की तरह ही विद्यमान हैं। फर्क केवल इतना है कि अब वे सुरक्षित और संरक्षित हैं।
विरासत के प्रति सम्मान का सवाल:
मुख्यमंत्री ने माता अन्नपूर्णा की मूर्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग सौ वर्ष पहले यह मूर्ति चोरी कर यूरोप (Europe) पहुंचा दी गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वह मूर्ति वापस लाई गई और काशी विश्वनाथ धाम में पुनः स्थापित की गई। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि 1947 से 2014 तक लंबे समय तक केंद्र में कांग्रेस की सरकारें रहीं, फिर भी उन्होंने इस दिशा में प्रयास क्यों नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय भारत की विरासत के प्रति सम्मान का भाव नहीं दिखा और तुष्टीकरण की राजनीति के कारण आस्था का अपमान हुआ।
अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति पर बसपा की मांग:
इस पूरे विवाद के बीच बसपा अध्यक्ष मायावती ने वाराणसी (Varanasi) में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति हटाने के मामले में राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि मूर्ति हटाए जाने की खबर चर्चाओं में है और इससे समाज के एक बड़े वर्ग में रोष और आक्रोश है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लोगों की आस्था और भावनाएं आहत न हों।
सपा का भाजपा पर तीखा हमला:
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में जितने पौराणिक मंदिर तोड़े गए हैं, उतने किसी राजा ने नहीं तोड़े। उन्होंने यह भी कहा कि वह सैफई (Etawah) में एक मंदिर बनवा रहे हैं, लेकिन भाजपा के लोग उसमें भी अड़ंगा लगा रहे हैं। भुवनेश्वर (Bhubaneswar) में विजन इंडिया कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मणिकर्णिका घाट के बहाने सरकार पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कफ सिरप घोटाला, नोटबंदी में घोटाला और गंगा सफाई में घोटाला हुआ। उन्होंने कहा कि अब एसआईआर के नाम पर भी घोटाले की कोशिश हो रही है। मतदाता सूची को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) जाने की बात कही और ईवीएम पर भी सवाल उठाए। मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ न होने के सरकारी दावे को उन्होंने गलत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री यह बात काशी के लोगों की आंखों में आंखें डालकर कहें।
सोशल मीडिया टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई:
मणिकर्णिका घाट को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के मामले में कानूनी कार्रवाई भी हुई है। आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार (Bihar) के कांग्रेस नेता पप्पू यादव, हरियाणा (Haryana) की कांग्रेस नेता जसविंदर कौर समेत आठ लोगों के खिलाफ चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजर मनो की तहरीर पर संजय सिंह, पप्पू यादव, जसविंदर कौर और आशुतोष पोटनिस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं नगर निगम (Municipal Corporation) के अपर नगर आयुक्त संगम लाल की तहरीर पर प्रज्ञा गुप्ता, मनीष सिंह, रितु राठौर और संदीव देव के खिलाफ एआई का प्रयोग कर एक्स (X) हैंडल पर दुष्प्रचार करने का आरोप दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई भारतीय कानून के तहत की गई है, ताकि भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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