कासगंज में गंगा कटान का अब्दुल हफीज गांधी ने लिया जायजा
कासगंज (Kasganj) जनपद की पटियाली तहसील क्षेत्र में गंगा नदी के कटान की स्थिति का समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल हफीज गांधी ने जायजा लिया। उन्होंने ग्राम किसौल किलोनी के समीप गोलामणि क्षेत्र का दौरा कर कटान से प्रभावित ग्रामीणों और किसानों से बातचीत की तथा उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से कटान की समस्या के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।
आबादी की ओर बढ़ रहा गंगा का कटान:
अब्दुल हफीज गांधी ने कहा कि गंगा नदी का कटान तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है और अब यह गोलामणि क्षेत्र तक पहुंच चुका है। उनके अनुसार, गांव और गोलामणि के बीच अब करीब एक किलोमीटर की दूरी ही बची है। उन्होंने कटान की स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो गोलामणि का पक्का ढांचा भी गंगा की चपेट में आ सकता है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोकने के लिए 12 छोटे बांध बनाए गए थे। इनमें से चार बांध गंगा नदी में समा चुके हैं, जबकि आठ बांध अभी शेष बताए जा रहे हैं। उनके मुताबिक सिंचाई विभाग की ओर से किए गए प्रयासों के बावजूद कटान की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
कटानरोधी कार्य तेज करने की मांग:
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सिंचाई विभाग से गोलामणि क्षेत्र में तत्काल कटानरोधी कार्य तेज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष को ध्यान में रखते हुए अभी से व्यापक कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए, ताकि गंगा के कटान से प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए केवल तत्काल राहत या सीमित स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के बजाय आने वाले समय के लिए भी योजना तैयार करना जरूरी है। उनके अनुसार, गंगा का कटान लगातार आबादी की दिशा में बढ़ रहा है, इसलिए इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कार्य किया जाना चाहिए।
सिंचाई और खनन विभाग की संयुक्त बैठक की मांग:
अब्दुल हफीज गांधी ने जिला प्रशासन से सिंचाई और खनन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों के बीच समन्वय बनाकर गंगा कटान की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की जरूरत है।
उन्होंने सुझाव दिया कि तकनीकी अध्ययन कराया जाए और नियमानुसार नदी के प्रवाह में बाधा बनने वाली जमा रेत को हटाने के विकल्प पर भी विचार किया जाए। उनका कहना है कि इससे गंगा के जलस्तर और प्रवाह को सुरक्षित दिशा देने में मदद मिल सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल सिंचाई विभाग के स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रशासन, सिंचाई और खनन विभाग को मिलकर दीर्घकालिक योजना बनानी होगी।
ग्रामीणों और किसानों की समस्याएं सुनीं:
दौरे के दौरान अब्दुल हफीज गांधी ने गंगा कटान से प्रभावित ग्रामीणों और किसानों से बातचीत की। ग्रामीणों ने कटान के कारण पैदा हो रही समस्याओं के बारे में उन्हें जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों की बात सुनते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों तक समस्या पहुंचाने की बात कही।
गंगा के कटान को लेकर क्षेत्र में चिंता के बीच उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों को लगातार कटान के खतरे से राहत दिलाने के लिए प्रभावी योजना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में जल्द कार्रवाई किए जाने की मांग दोहराई।
गंगा कटान और तटबंधों से जुड़ी समस्याओं को लेकर कासगंज क्षेत्र में पहले भी मांगें उठती रही हैं। अगस्त 2026 में अब्दुल हफीज गांधी ने पटियाली क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थायी बांध निर्माण की मांग उठाई थी।
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रिपोर्टर: जुम्मन कुरैशी