झारखंड (Jharkhand) में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची (Ranchi) के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम (Jaipal Singh Munda Stadium) में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब भूख हड़ताल तक पहुंच चुका है। इस आंदोलन के बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) द्वारा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो (Devendra Nath Mahto) से बातचीत किए जाने की भी चर्चा है। महतो कथित अनियमितताओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं और छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
29 जुलाई से जारी आंदोलन, भूख हड़ताल तक पहुंचा प्रदर्शन:
रांची (Ranchi) में 29 जुलाई से शुरू हुआ छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार व्यापक होता जा रहा है। आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का समर्थन भी मिल गया है। संगठन ने 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा (Jharkhand Vidhan Sabha) मार्च का आह्वान किया है, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा (Neha) के शामिल होने की घोषणा की गई है।
देवेंद्र नाथ महतो बने आंदोलन का प्रमुख चेहरा:
रविवार को धरने के पांचवें दिन छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। उसी शाम हजारों छात्रों ने मशाल जुलूस निकालते हुए अल्बर्ट एक्का चौक (Albert Ekka Chowk) तक मार्च किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
सोनम वांगचुक से बातचीत ने बढ़ाई चर्चा:
आंदोलन के बीच एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की। महतो इस समय JPSC, JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम (Jaipal Singh Munda Stadium) में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इससे पहले दिल्ली (Delhi) में पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन के दौरान भी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल चर्चा में रही थी। अब देवेंद्र महतो का उपवास भी इसी क्रम में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। महतो का कहना है कि कई सप्ताह के विरोध-प्रदर्शन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, इसलिए उन्होंने भूख हड़ताल का रास्ता चुना है। उन्होंने समर्थकों से आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य के लिए है।
कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो?:
देवेंद्र नाथ महतो रांची (Ranchi) जिले के एक गांव के निवासी हैं। उन्होंने बुंडू (Bundu) से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बाद में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (Dr. Shyama Prasad Mukherjee University) से उच्च शिक्षा हासिल की। उनके पास संस्कृत तथा कुड़माली, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में प्रथम श्रेणी से स्नातकोत्तर डिग्रियां हैं। उन्होंने हजारीबाग (Hazaribagh) से बीएड भी किया है। वर्ष 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में उन्होंने तमाड़ (Tamar) सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा था। वर्ष 2015 से वे छात्र आंदोलनों से जुड़े रहे हैं और छात्रवृत्ति, भर्ती नियम, आरक्षण नीति, पेपर लीक तथा JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?:
प्रदर्शनकारी 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं JPSC संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही पिछले सात वर्षों में JPSC और JSSC द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच कराने की मांग भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच ED सहित अन्य केंद्रीय एजेंसियों से भी कराई जानी चाहिए। इसके अलावा OMR शीट में ‘नॉट अटेम्प्टेड’ का पांचवां विकल्प जोड़ने और भर्ती एजेंसियों में व्यापक सुधार की मांग भी की जा रही है।
सीआईडी जांच पर छात्रों ने जताया अविश्वास:
धरना स्थल पर मौजूद JPSC अभ्यर्थी राहुल कुमार क्रांति ने कहा कि आयोग में कई बार कथित पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं और इस बार OMR शीट लीक होने का भी आरोप है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) द्वारा CID जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी उससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि पिछली जांचों का भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया, इसलिए वे सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग कर रहे हैं।
छात्र बोले- निष्पक्ष अवसर चाहिए:
गिरिडीह (Giridih) के छात्र अंकित कुमार ने कहा कि कथित भ्रष्टाचार के कारण हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और अधिकांश अभ्यर्थी किसान परिवारों से आते हैं। वहीं रांची (Ranchi) की छात्रा स्नेहा ने कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग दोहराई। पलामू (Palamu) की अर्चना कुमारी ने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। लातेहार (Latehar) जिले के बालूमाथ (Balumath) के छात्र श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि उन्हें देशभर से समर्थन मिल रहा है और विभिन्न स्थानों से लोग धरना स्थल पर भोजन भेजकर सहयोग कर रहे हैं।
सीजेपी और आइसा का मिला समर्थन:
आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का समर्थन भी मिला है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देवेंद्र महतो और अन्य छात्र नेताओं से बातचीत कर समर्थन का भरोसा दिया। दूसरी ओर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी राज्यभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। संगठन ने 7 अगस्त को AISA और RYA के संयुक्त आह्वान पर झारखंड विधानसभा मार्च निकालने की घोषणा की है, जिसमें पेपर लीक विरोधी आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहीं नेहा के शामिल होने की बात कही गई है।
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