अमेरिका ने भारत को रिफाइनिंग सुपरपावर बताया:विदेश मंत्री बोले- यहां वेनेजुएला का कच्चा तेल साफ होगा; दुनिया की तेल आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की सराहना करते हुए उसे ‘रिफाइनिंग सुपरपावर’ बताया है। उन्होंने कहा कि भारत भारी कच्चे तेल को संसाधित करके पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन तैयार करने में सक्षम है। रुबियो के मुताबिक, यदि वेनेजुएला का अधिक तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में आता है, तो भारत उसे रिफाइन करके वैश्विक तेल आपूर्ति बढ़ाने में अहम योगदान दे सकता है। उन्होंने यह बात समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत के दौरान कही।
वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने पर जोर:
मार्को रुबियो ने वेनेजुएला में भारतीय कंपनियों की मौजूदा तेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पहले से मौजूद तेल संपत्तियों के जरिये उत्पादन बढ़ाने की संभावनाएं हैं। उनके अनुसार, इस विषय पर भारत के साथ पहले भी चर्चा हो चुकी है और भारत इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए इच्छुक दिखाई दे रहा है।
हालांकि, रुबियो ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना को आगे बढ़ाने में अमेरिकी प्रतिबंधों और अन्य पाबंदियों से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। इन मुद्दों के समाधान के लिए भारत और अमेरिका को आपसी बातचीत के जरिये मिलकर काम करना होगा। उनके बयान से संकेत मिलता है कि दोनों देश वेनेजुएला के तेल और भारत की रिफाइनिंग क्षमता के बीच सहयोग की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका के बीच अहम मुद्दों पर तालमेल:
मुंबई में आयोजित ‘फ्रीडम 250’ कार्यक्रम के दौरान रुबियो ने भारत और अमेरिका के संबंधों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच उन मुद्दों पर असाधारण तालमेल है, जो उनके राष्ट्रीय हितों को प्रभावित करते हैं। उनके अनुसार, दुनिया की दो बड़ी शक्तियां मिलकर 21वीं सदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
रुबियो ने यह भी स्वीकार किया कि दुनिया के किन्हीं दो देशों के बीच हर मुद्दे पर पूरी सहमति होना संभव नहीं है। कुछ विषयों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन भारत और अमेरिका के बीच राष्ट्रीय हितों से जुड़े प्रमुख मामलों में सहयोग और समझ की मजबूत स्थिति है।
जयशंकर ने भारत-अमेरिका संबंधों की प्रगति बताई:
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने कहा कि पिछले कई दशकों में भारत और अमेरिका के संबंधों ने लंबा सफर तय किया है। दोनों देशों के बीच सहयोग अब बुनियादी ढांचे, शिक्षा, खाद्य और कृषि, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा तथा नागरिक उड्डयन जैसे अनेक क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
जयशंकर ने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान कई अमेरिकियों के समर्थन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी दोनों देशों की साझेदारी ने भारत के विकास में वास्तविक योगदान दिया है।
उन्होंने अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र में भारतीय प्रतिभाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। जयशंकर के मुताबिक, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के तरीकों को लेकर भारत और अमेरिका के बीच अलग-अलग विचार रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद बीते दशकों में सहयोग लगातार बढ़ा है और साझेदारी में नए क्षेत्र शामिल हुए हैं।
मुकेश अंबानी से मुलाकात करेंगे रुबियो:
मार्को रुबियो बुधवार को जामनगर में दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनरी परिसर का दौरा करेंगे। इस दौरान उनकी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) से मुलाकात भी प्रस्तावित है। दी गई जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात में वेनेजुएला के कच्चे तेल को रिफाइन करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका के टेक्सास में एक तेल रिफाइनरी में बड़े निवेश की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स में इसे करीब 50 वर्षों में अमेरिका में बनने वाली पहली नई रिफाइनरी बताया गया है। ऐसे में रुबियो और अंबानी की मुलाकात को तेल कारोबार और दोनों देशों के ऊर्जा सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
अमेरिका में ईंधन की कीमतें बनीं चिंता:
दी गई जानकारी के अनुसार, अमेरिका में डीजल की कीमत छह डॉलर प्रति गैलन से अधिक पहुंच गई है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 155 रुपये प्रति लीटर के बराबर बताई गई है। ऊंची कीमतों के कारण ट्रक चालकों, किसानों और माल ढुलाई से जुड़े कारोबारियों पर दबाव पड़ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सरकार तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले देश में डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहती है। इसी संदर्भ में रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमता और कच्चे तेल की खरीद को लेकर संभावनाएं अहम मानी जा रही हैं। हालांकि, भारत की ओर से संभावित आपूर्ति या किसी समझौते को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी दिए गए विवरण में नहीं है।
वेनेजुएला के तेल की खरीद पर नजर:
रिपोर्ट में बताया गया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी सरकार विदेशों में वेनेजुएला के तेल की बिक्री कर रही है। रिलायंस को वेनेजुएला के तेल के प्रमुख खरीदारों में शामिल बताया गया है।
वैश्विक व्यापार खुफिया फर्म केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में भारत ने वेनेजुएला से प्रतिदिन 2.57 लाख बैरल तेल आयात किया। इसमें से 76 प्रतिशत हिस्सा रिलायंस ने खरीदा था। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि रिलायंस वेनेजुएला से और अधिक तेल खरीदे। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों की ओर से ऐसी खरीद किए जाने की जानकारी नहीं दी गई है।
अमेरिका में रिलायंस के निवेश की चर्चा:
रिलायंस के टेक्सास में नई रिफाइनरी स्थापित करने की योजना भी रुबियो के दौरे को महत्वपूर्ण बनाती है। दी गई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मार्च 2026 में इस परियोजना को 300 अरब डॉलर का सौदा बताया था। अमेरिका इस निवेश को जल्द आगे बढ़ते देखना चाहता है। हालांकि, परियोजना से जुड़ी शर्तों और मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
जामनगर रिफाइनरी की क्षमता:
रिलायंस के मुताबिक, गुजरात के जामनगर (Jamnagar) में स्थित उसका रिफाइनरी परिसर एक ही स्थान पर बना दुनिया का सबसे बड़ा और आधुनिक रिफाइनरी परिसर है। कंपनी के अनुसार, यहां प्रतिदिन 14 लाख बैरल कच्चे तेल को संसाधित करने की क्षमता है। यही क्षमता भारत को भारी कच्चे तेल की रिफाइनिंग और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के मामले में महत्वपूर्ण बनाती है।
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