राजा भैया ने 500 हथियारों का जखीरा दिखाया:केसरिया साफा पहन पूजा की; बोले- हाथी के दांत दिखाने के अलग, खाने वाले अलग
प्रतापगढ़ (Pratapgarh) के कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raja Bhaiya) ने दशहरे के अवसर पर अपनी पैतृक कोठी बेंती में शस्त्र पूजन किया। मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में राजा भैया 500 से अधिक देशी-विदेशी हथियारों की पूजा करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने धोती-कुर्ता और केसरिया साफा पहना हुआ था। पूजा में उनके जुड़वां बेटे शिवराज और बृजराज भी शामिल हुए। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि और सैकड़ों समर्थकों ने भी हिस्सा लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शस्त्रों के साथ उनके लाइसेंस भी रखे गए थे। कार्यक्रम का वीडियो भी सामने आया है।
बेंती कोठी में दो घंटे तक चला शस्त्र पूजन:
राजा भैया की पैतृक कोठी बेंती में दशहरे के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम दोपहर करीब एक बजे शुरू हुआ और लगभग तीन बजे तक चला। आचार्य अतुलजी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ करीब दो घंटे तक पूजा कराई। इसके बाद आरती और प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम में राजा भैया के परिवार के सदस्यों के साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे।
राजा भैया ने शस्त्र पूजन को अपने परिवार की पुरानी परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि विजयदशमी के दिन शस्त्र पूजन अनादि काल से होता आया है। उनके मुताबिक, कार्यक्रम में शामिल सभी लोग उनके परिवार का हिस्सा हैं और वे धर्म तथा राष्ट्र की रक्षा के लिए संकल्पित हैं।
राजा भैया ने परंपरा और राष्ट्र रक्षा का किया जिक्र:
शस्त्र पूजन के दौरान राजा भैया ने कहा कि विजयदशमी पर शस्त्रों की पूजा की परंपरा काफी पुरानी है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल लोगों को अपना परिवार बताते हुए परंपरा और राष्ट्र की रक्षा के संकल्प की बात कही। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दिखाई देने वाले हथियारों को ही उनके पास मौजूद सभी शस्त्र नहीं समझना चाहिए। उनका यह बयान कार्यक्रम के दौरान चर्चा में रहा।
स्वदेशी कपड़े पहनने की अपील की:
राजा भैया ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के धोती-कुर्ता जैसे स्वदेशी वस्त्र पहनने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीयता को फिर से जीवित करने का प्रयास होना चाहिए, क्योंकि यह धीरे-धीरे कम होती जा रही है। उनके अनुसार, आज के युवाओं में धोती-कुर्ता पहनने का चलन कम दिखाई देता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कम से कम त्योहारों के अवसर पर स्वदेशी वस्त्र जरूर पहनें, ताकि भारतीय परंपराओं से जुड़ाव बना रहे।
शस्त्रों पर लाइसेंस और पहचान की पर्चियां रखीं:
राजा भैया ने शस्त्रों के साथ लाइसेंस और पहचान संबंधी पर्चियां रखे जाने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि इतने अधिक शस्त्रों के प्रबंधन के दौरान पहचान सुनिश्चित करने के लिए नाम की पर्चियां लगाई जाती हैं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यक्रम में मौजूद शस्त्रों के लाइसेंस भी रखे जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, सभी हथियारों के लाइसेंस और वैधता की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
पत्नी के आरोपों के बाद चर्चा में रहा शस्त्र पूजन:
राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने 18 सितंबर 2025 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर उनके पास कथित तौर पर अवैध हथियारों का जखीरा होने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि कुछ हथियार जन सुरक्षा और आंतरिक शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। ये आरोप भानवी सिंह की ओर से लगाए गए थे; उपलब्ध जानकारी में इनकी स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं है।
उस समय राजा भैया के करीबी माने जाने वाले अक्षय प्रताप ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि राजा भैया के पास अवैध हथियार क्यों होंगे। उन्होंने दावा किया था कि राजा भैया के यहां काम करने वाले लोगों के पास भी लाइसेंस और असलहे हैं तथा दशहरे पर इनकी पूजा की जाती है। उन्होंने यह भी कहा था कि सभी शस्त्र वैध हैं और कोई भी व्यक्ति दशहरे के अवसर पर आकर उन्हें देख सकता है।
पिछले साल भी 200 से ज्यादा हथियारों की हुई थी पूजा:
पिछले साल दशहरे के अवसर पर भी राजा भैया ने बेंती कोठी में 200 से अधिक देशी-विदेशी हथियारों को सजाकर शस्त्र पूजन किया था। उस समय सामने आए वीडियो में पिस्टल, रिवॉल्वर, 12 बोर की बंदूक, राइफल और थर्टी कारबाइन जैसे हथियार दिखाई देने की जानकारी दी गई थी। इस बार भी 500 से अधिक हथियारों के पूजन की बात सामने आई है। पत्नी की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद लगातार दूसरे साल आयोजित इस कार्यक्रम पर लोगों का ध्यान गया है।
भानवी सिंह ने तलाक के लिए दाखिल की थी अर्जी:
राजा भैया और भानवी सिंह के वैवाहिक संबंधों को लेकर भी पहले विवाद सामने आ चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भानवी सिंह ने नवंबर 2022 में दिल्ली की साकेत अदालत में तलाक के लिए अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने क्रूरता के आधार पर तलाक की मांग की थी। भानवी सिंह ने अपनी ससुराल से जुड़े लोगों पर भी आरोप लगाए थे।
भानवी सिंह का दावा था कि सितंबर 2020 से राजा भैया ने उन्हें घर में आने से रोक दिया था। उन्होंने राजा भैया पर घरेलू हिंसा, मारपीट, खर्च के लिए पैसे नहीं देने और बच्चों की उपेक्षा जैसे आरोप भी लगाए थे। ये आरोप उनके द्वारा लगाए गए थे और इन्हें न्यायिक रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। वैवाहिक विवाद और शस्त्रों को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच राजा भैया का दशहरे पर शस्त्र पूजन कार्यक्रम एक बार फिर चर्चा में आया है।
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