उत्तर प्रदेश के Hamirpur (हमीरपुर) जिले में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। Betwa River (बेतवा नदी) पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां मौजूद मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।
यह पुल Kurara (कुरारा) क्षेत्र के Morakandar Parsani (मोरकंदर परसानी) से Naithi Village (नैथी गांव) तक बनाया जा रहा था। हादसे के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
आंधी-बारिश के बीच हुआ हादसा:
घटना Lalpura Police Station (ललपुरा थाना) क्षेत्र के Mora Kadar Village (मोरा कादर गांव) की है। बताया गया कि देर रात तेज बारिश और आंधी-तूफान के दौरान मजदूर पुल के नीचे और आसपास मौजूद थे। इसी दौरान पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर पड़ा और कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार कुछ मजदूर पुल के हिस्से में आराम कर रहे थे, तभी हादसा हुआ। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग भी मदद के लिए पहुंच गए।
SDRF ने शुरू किया राहत अभियान:
हादसे की सूचना मिलते ही SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया गया।
जानकारी के अनुसार पांच मजदूर मलबे में दबे दिखाई दिए थे, जबकि एक अन्य मजदूर के अंदर फंसे होने की आशंका जताई गई। इसके अलावा तीन मजदूर पुल के पिलर पर फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया गया। मौके पर SDRF की एक टीम पहले से मौजूद रही, जबकि दूसरी टीम को भी बुलाया गया।
निर्माणाधीन पुल को लेकर उठे सवाल:
बताया गया कि यह पुल Rajya Sabha MP Baburam Nishad (राज्यसभा सदस्य बाबूराम निषाद) के प्रयासों से मंजूर हुआ था और उनके पैतृक गांव Morakandar Parsani (मोरकंदर परसानी) के पास इसका निर्माण कार्य चल रहा था।
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की पर्याप्तता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज मौसम के दौरान मजदूरों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता बरती जानी चाहिए थी।
मृत मजदूरों की हुई पहचान:
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान Lokendra Nishad (लोकेंद्र निषाद), Kuldeep Nishad (कुलदीप निषाद), Sawant Yadav (सावंत यादव), Sabhajeet (सभाजीत), Pushpendra Singh Chauhan (पुष्पेंद्र सिंह चौहान) और Rajesh Pal (राजेश पाल) के रूप में हुई है।
इनमें कई मजदूर Banda (बांदा) जिले के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि कुछ Hamirpur (हमीरपुर) के निवासी थे। घटना की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया।
तीन मजदूरों को सुरक्षित बचाया गया:
हादसे के दौरान पुल के पिलर पर फंसे तीन मजदूरों की पहचान Avdhesh Nishad (अवधेश निषाद), Kallu Yadav (कल्लू यादव) और Rajesh Nishad (राजेश निषाद) के रूप में हुई है। राहत टीम ने उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया और बाद में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस और संबंधित विभाग घटना के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं।
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रिपोर्टर: मोहम्मद अकरम
