उत्तर प्रदेश की गाजीपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने अफजाल अंसारी को प्रत्याशी बनाया है जिसे लेकर सियासत गरमा गई है, अफजाल अंसारी बाहुबली और डॉन मुख्तार अंसारी के भाई हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि अफजाल अंसारी के सामने इस बार प्रत्याशी कौन होगा? बृजेश सिंह के नाम को लेकर खूब चर्चाएं हुईं लेकिन इस पर अब विराम लगता हुआ नज़र आ रहा है. खबरें आ रही थी कि गाजीपुर की सीट बीजेपी अपने सहयोगी दल ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा के कोटे में दे रही है लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लगता हुआ नज़र आ रहा है. कहा जा रहा है कि भले बृजेश सिंह का लगाव भाजपा से हो लेकिन भाजपा बृजेश सिंह पर दाव लगाकर रिस्क नहीं लेना चाहती. कहा जा रहा है कि बृजेश सिंह के साथ बाहुबली का टैग लगा है और भाजपा ऐसे में नए सवालों से बचना चाहती है.
अब सवाल है कि भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा? कहा जा रहा है कि मनोज सिन्हा जैसे मजबूत चेहरे को शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें बड़ा उपहार पहले ही दे दिया है. आ वो जम्मू कश्मीर जैसे राज्य के उपराज्यपाल हैं. ऐसे वापस से लोकसभा चुनाव में आने की उम्मीद बहुत कम है. अब गाजीपुर में तीन नामों की चर्चाएं जोरो पर है.

पहला नाम है पूर्व मंत्री विजय मिश्रा का. जिन्होंने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाम लिया. पार्टी के हर कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं. मंत्री रहते हुए उन्होंने गाजीपुर में कई विकास कार्य करवाए. कहा जा रहा है कि गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत है और पार्टी का उनपर विश्वास भी मजबूत है.

दूसरा नाम है राधेमोहन सिंह का. वो एक सफल सांसद की भूमिका निभा चुके हैं. गाजीपुर के हर वर्ग में उनकी पकड़ है. सांसद रहते हुए कई कार्य भी किये और सामाजिक स्तर उनके कार्यों सभी वाकिफ हैं, उनके स्टेडियम के खिलाडी ओलंपिक में जाकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं. सपा से उनकी नाराजगी और सीएम योगी आदित्यनाथ से नजदीकी जग जाहिर है.

और तीसरा नाम एक ऐसा नाम है जिसकी चर्चा शिक्षा के क्षेत्र बहुत होती है. सपा के बेहद करीबी थे लेकिन अब भाजपा का दामन थाम लिया. एमएलसी में किस्मत आजमाई और जीत के नजदीक भी पहुंचें. जी हाँ बात हो रही सानंद सिंह की. गाजीपुर के चुनावी मैदान में सानंद सिंह के दावेदारी की भी चर्चा है.
अब सवाल भी और इंतज़ार भी. क्या भाजपा अफजाल अंसारी के सामने इनमे से किसी चेहरे पर दाव खेलेगी या जम्मू की ट्रेन गाजीपुर के नए रेल पुल पर दौड़ेगी?