Ghazipur: गाजीपुर में दुर्गा पूजा और दशहरा उत्सव के बाद प्रतिमा विसर्जन का काम व्यवस्थित तरीके से जारी है। जिला प्रशासन ने गंगा नदी में प्रतिमा विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 20 स्थलों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। इन स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना या अव्यवस्था न हो।
विसर्जन प्रक्रिया के स्पष्ट दिशा-निर्देश:
प्रशासन ने विसर्जन जुलूसों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीजे की ऊंचाई नियंत्रित रखने को कहा गया है ताकि बिजली के तारों या अन्य अवरोधों से दुर्घटना न हो। साथ ही, अश्लील गानों और अनुचित व्यवहार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पूजा समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।
प्रतिमाओं का विसर्जन और सुरक्षा प्रबंध:
एसपी सिटी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने बताया कि नवरात्रि के दिन 60 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था। दशहरा की रात तक कुल 88 प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित स्थलों पर संपन्न हो चुका है। जिले में कुल 460 प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं, जिनमें से बाकी शेष प्रतिमाओं का विसर्जन आज रात तक पूरा कर दिया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन की निगरानी:
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने जानकारी दी कि विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर विशेष बैरिकेडिंग, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रतिमा विसर्जन शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो।
सुरक्षित और व्यवस्थित उत्सव:
प्रशासन की यह व्यवस्था न केवल सुरक्षा बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह सुनिश्चित करती है कि पूजा और विसर्जन का त्योहार समाज में सौहार्द और अनुशासन बनाए रखते हुए मनाया जाए। सभी पूजा समितियों और नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और उत्सव को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाए रखें।