लखनऊ: सड़क सुरक्षा को लेकर यूपी पुलिस की ZFD योजना दे रही बेहतर परिणाम
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लागू की गई ZFD योजना (ZFD Scheme) के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री (Chief Minister) के निर्देश और पुलिस महानिदेशक (Director General of Police) के मार्गदर्शन में 01 जनवरी 2026 से प्रदेश के सभी 07 पुलिस कमिश्नरेट और 68 जिलों के 487 सबसे अधिक दुर्घटना प्रभावित थानों में इस योजना को लागू किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों को योजनाबद्ध तरीके से कम करना और जनहानि को रोकना है।
योजना का उद्देश्य और क्रियान्वयन:
इस योजना के तहत दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष रणनीति के साथ कार्यवाही की जा रही है। पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी एसओपी (SOP) के अनुसार 487 थानों में 573 सीसी टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को आधुनिक उपकरण जैसे स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर और डेसीबल मीटर उपलब्ध कराए गए हैं। टीमों को दुर्घटना बाहुल्य मार्गों की पहचान कर वहां दीर्घकालिक समाधान लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
त्रैमासिक समीक्षा में सकारात्मक परिणाम:
योजना के लागू होने के बाद किए गए त्रैमासिक आकलन में उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में 7.43 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही मृतकों की संख्या में 11.55 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 8.05 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। कुल 88 इकाइयों में से 56 इकाइयों को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है, जो 63.6 प्रतिशत है।
ग्रीन जोन में बढ़ी इकाइयों की संख्या:
प्रदेश के 88 प्रशासनिक इकाइयों में से 51 में दुर्घटनाओं में कमी आई है, जबकि 05 इकाइयों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। मृतकों की संख्या के मामले में 66 इकाइयां ग्रीन जोन में हैं, जो लगभग 75 प्रतिशत है। 18 परिक्षेत्रों में से 13 और 08 जोनों में से 06 में भी दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
वैज्ञानिक विश्लेषण और प्रशिक्षण पर जोर:
यातायात निदेशालय (Traffic Directorate) द्वारा वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर उन क्षेत्रों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके साथ ही IRTE (IRTE) और CTM (CTM) के विशेषज्ञों के सहयोग से अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे दुर्घटनाओं की जांच की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
आधुनिकीकरण और संसाधनों की उपलब्धता:
सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न उपकरणों और संसाधनों के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें इंटरसेप्टर वाहन, सीसीटीवी कैमरे, बैरियर, हेलमेट और अन्य उपकरण शामिल हैं। इन संसाधनों के उपयोग से योजना को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
प्रवर्तन कार्रवाई में सख्ती:
जारी एसओपी के तहत ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना, स्टंटबाजी, ध्वनि प्रदूषण और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इन उपायों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करना है।
इस प्रकार ZFD योजना (ZFD Scheme) के माध्यम से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।
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रिपोर्टर: अनुज कुमार