गाजीपुर में दुर्गा विसर्जन पर हिंसक हमला

Ghazipur: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित महाराजगंज बाजार में बुधवार देर शाम दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसक घटना हुई। जब जुलूस एक मस्जिद के पास से गुजर रहा था, कुछ स्थानीय लोगों ने उस पर हमला कर दिया। झड़प में तलवार, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल किया गया, जिससे एक श्रद्धालु घायल हो गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रित करने में सफल रहे। यह घटना इसलिए भी चिंता का विषय बनी क्योंकि गाजीपुर और उसके आस-पास का इलाका आमतौर पर धार्मिक विवादों से दूर माना जाता है।



समिति सदस्यों ने लगाए हमले के गंभीर आरोप:


नवयुवक दुर्गा पूजा समिति महाराजगंज के सदस्यों ने कोतवाली थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। समिति का आरोप है कि जब विसर्जन जुलूस मस्जिद के पास पहुँचा, तो वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जुलूस पर हमला किया। उनके अनुसार हमले में तलवार, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर शामिल थे, जिसके कारण एक श्रद्धालु के हाथ में चोट आई।

नामजद शिकायत और महिला सदस्यों की संलिप्तता:


समिति अध्यक्ष अच्छेलाल गुप्ता ने कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया। शिकायत में किताबुद्दीन उर्फ सोल्जर, जामीर और आमिर पुत्र मुख्तार अहमद पर मुख्य रूप से हमले का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, आरोपियों के परिवार की कुछ महिला सदस्य भी इस घटना में शामिल थीं, जिन्होंने कथित रूप से जुलूस पर ईंट-पत्थर फेंके। इस मामले में एक ही परिवार के कई सदस्यों की संलिप्तता इसे और गंभीर बनाती है।

पिछले आयोजनों में विवाद का दावा:


समिति सदस्यों ने बताया कि इससे पहले भी धार्मिक आयोजनों के दौरान झंडा उखाड़ने जैसी घटनाएँ हो चुकी हैं। उन्होंने इस ताजा हमले को उसी श्रृंखला का हिस्सा माना है और इसे क्षेत्र में पूर्व में बने तनाव का संकेत बताया है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला और शुरू की जाँच:


घटना की सूचना पर सीओ सिटी और सदर कोतवाल दीनदयाल पांडे भारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पहुंचे और हालात काबू में लाए। घायल श्रद्धालु को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और शांति व्यवस्था बहाल की गई। एसपी सिटी ज्ञानेंद्रनाथ प्रसाद ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जाँच कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों शिवमूर्ति जायसवाल, प्रेम जायसवाल, पप्पू मधेसिया और मदन बिन्द ने बीच-बचाव किया और सुरक्षित रहे। पुलिस अब आरोपियों की पहचान और घटना के वास्तविक कारण की छानबीन कर रही है।

यह घटना न केवल धार्मिक जुलूस के दौरान सुरक्षा के महत्व को उजागर करती है, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की चुनौती को भी सामने लाती है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading