Video:गाजीपुर: रील देखने में व्यस्त रहे कर्मचारी, मेडिकल कॉलेज में इलाज न मिलने से महिला की मौत का आरोप

रिपोर्टर: प्रदीप शर्मा

गाजीपुर (Ghazipur) के मेडिकल कॉलेज (Medical College) स्थित जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही और मोबाइल पर रील देखने की वजह से समय पर उपचार नहीं मिल पाया, जिसके चलते महिला ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया और मामले की लिखित शिकायत मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी है।
मिली जानकारी के अनुसार जंगीपुर (Jangipur) थाना क्षेत्र के खंडवाड़ीह गांव की रहने वाली उषा देवी को सुबह अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिवार के सदस्य उन्हें तत्काल गाजीपुर के मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करते हुए उन्हें इंजेक्शन दिया और स्थिति को देखते हुए महिला वार्ड में शिफ्ट कर दिया।

वार्ड में शिफ्ट होने के बाद बढ़ी परेशानी:
परिजनों के अनुसार वार्ड में शिफ्ट होने के कुछ समय बाद ही उषा देवी की हालत फिर से बिगड़ने लगी। उन्हें यूरिन से जुड़ी समस्या और पेट में सूजन जैसी दिक्कतें होने लगीं। इस दौरान परिजन लगातार वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन आरोप है कि कर्मचारियों ने उनकी बात पर तुरंत ध्यान नहीं दिया। परिजनों का कहना है कि कई कर्मचारी मोबाइल फोन में व्यस्त थे और रील देख रहे थे, जिससे मरीज की स्थिति पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया।

परिजनों ने बार-बार लगाई मदद की गुहार:
परिजनों का कहना है कि लगभग दो से ढाई घंटे तक वे कर्मचारियों से अपनी मां को देखने की गुहार लगाते रहे। इसके बावजूद किसी ने गंभीरता से स्थिति को नहीं समझा। जब उन्होंने महिला को यूरिन पास न होने और पेट फूलने की बात बताई, तब कर्मचारियों ने एक सफाई कर्मी को बुलाकर पाइप लगाने का निर्देश दिया। परिजनों के मुताबिक सफाई कर्मी द्वारा प्रक्रिया शुरू की ही जा रही थी कि उसी दौरान उषा देवी की हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद अस्पताल में हंगामा:
महिला की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और मेडिकल कॉलेज परिसर में हंगामा करने लगे। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सही तरीके से इलाज और ध्यान दिया गया होता तो उनकी मां की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने इस पूरे मामले को कर्मचारियों की लापरवाही बताते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन को दी गई लिखित शिकायत:
घटना के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल (Principal Medical College) के नाम लिखित शिकायत दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने मरीज की हालत को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर उचित सहायता नहीं दी। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जांच की मांग और प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार:
फिलहाल इस मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिजनों की शिकायत के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कराएगा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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