भरी सभा में सपाइयों के सामने पूर्व सांसद राधेमोहन ने खोल दिया पोल…

गाजीपुर | यूँ तो राजनीति के कई रंग होते हैं लेकिन सबसे मजबूत रंग विचारधाराओं से जुदा हुआ होता है. चाहे जनत हो या कार्यकर्त्ता विचारधारा के माध्यम से ही वो किसी राजनितिक दल से जुड़ते हैं और वो राजनितिक दल अपने मुखिया के विचारधारा से संचालित होता है. लेकिन जब मुखिया दल की जिम्मेदारी सौंप इश्वर के श्री चरणों में चला जाये तो भी वो दल उसकी विचारधारों से मजबूत बना रहता है. लेकिन स्वार्थ में दल का कोई नेता या नया मुखिया विचारधारों से ही खिलवाड़ करने लगे तब…

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गाजीपुर के पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह पहले समाजवादी पार्टी में थे बाद में नाराजगी के चलते उन्होंने सपा का दामन छोड़ दिया. लेकिन वो स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव का बहुत सम्मान करते हैं. शायद यही कारण थे कि मंगलवार को देवकली ब्लाक में आयोजित मुलायम सिंह यादव के श्रधांजलि सभा उन्होंने हिस्सा लिया. यहाँ समाजवादी पार्टी के विधायक सहित कई नेता मौजूद थे. लेकिन ये सभा समाजवादी पार्टी की नहीं बल्कि सभी के लिए थी. पूर्व सासद राधे मोहन सिंह को भी आमंत्रित किया गया था. इस दौरान राधेमोहन सिंह मुलायम सिंह यादव को लेकर कई महत्वपूर्ण बाते की. उनके राजनितिक जीवन और विचारधारा पर प्रकाश डाला .

लेकिन राधेमोहन सिंह के संबोधन के दौरान उस वक़्त सपाइयों के पसीने छूटने लगे जब उन्होंने सपा नेता और एमएलसी पद के प्रत्यासी रहे मदन यादव की पोल खोल दी. उन्होंने कहने का तात्पर्य था कि एमएलसी चुनाव में मदन यादव ने घुटने टेक दिए. स्वार्थ में उन्होंने मुलायम सिंह यादव के विचारधारों की बलि चढ़ा दिया. इस बात को उन्होंने अपना भारत टाइम्स से टेलीफोनिक इंटरव्यू में भी स्पष्ट किया.

उनका कहना था कि एमएलसी चुनाव में बीडीसी, ग्राम प्रधान इत्यादि मतदाता होते हैं और जातिगत आंकड़ों के हिसाब से एमएलसी चुनाव में यादव और मुस्लिम मतदाताओं कि संख्या 1600 से ज्यादा है जो समाजवादी पार्टी के विचारधारा से जुड़े हुए हैं लेकिन उन्होंने मुलायम सिंह यादव की विचारधारा की बलि चढ़ा कर स्वार्थ को चुना और एमएलसी की सीट भाजपा के विशाल सिंह चंचल के पास चली गई. इसमें जमनिया, जंगीपुर और मोहम्दाबाद का पूरा हाथ था. यही काम समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में किया. भाजपा समर्थित मतदाताओं की संख्या 7 से 8 थी कुछ बसपा के थे और ज्यादा संख्या सपा समर्थकों की थी. लेकिन यहाँ भी विचारधारों की बलि चढ़ा दी गई और ये सीट भी भाजपा के खाते में गई. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव की विचारधारा में स्वार्थ और पैसा नहीं था वो जमीनी नेता थे और सबको जोड़ने का काम करते थे. इसीलिए आज उनको पूरा देश सम्मान देता है.

एक तरफ पूर्व सांसद राधे मोहन सिंह ने गाजीपुर के राजनितिक रणनीति के दोहरे चरित्र पर निशाना साधा तो वहीँ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओ ने शुद्धि-बुद्धि यज्ञ करके योगी सरकार का ध्यानाकर्षण किया. उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता अजय चन्द्र चौबे व राघवेन्द्र चतुर्वेदी, राजेश उपाध्याय ने अपने संयुक्त बयान में बताया कि योगी आदित्यनाथ के बुद्धि-शुद्ध करने के लिए रेलवे स्टेशन स्थित शिवमंदिर में यंज्ञ का आयोजन किया गया है, सरकार गाय, ब्राम्हण, मां गंगा एवं महिलाओं की घोर उपेक्षा कर रही है, जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था छिन्न भिन्न हो गयी है। माफियाओं से सम्बन्धितो पर हो रहे कार्यवाही पर तंज कसते हुए कहा कि आज गाजीपुर के लोग जो मुख्यमंत्री के करीबी है वह आज भी फाटक के करीबी है और कल भी थे। आज भी अंसारी बन्धु के परिवार से व वर्तमान मुख्यमंत्री दोनो से उनके अच्छे सम्बन्ध हैं।

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