एटा (Etah) के मेडिकल कॉलेज (Medical College) में नवजात शिशु को लेकर बड़ा विवाद सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसव के बाद दो परिवारों के बीच एक ही नवजात को लेकर दावा किए जाने से अस्पताल परिसर में घंटों तक हंगामे की स्थिति बनी रही। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन, चिकित्सकों की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची तथा दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया।
घटना को लेकर परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि नवजात शिशु को सौंपने की प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, जिसकी जांच कराई जा रही है। पूरे घटनाक्रम के बाद अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच भी चर्चा का माहौल बना रहा।
ऑपरेशन के बाद शुरू हुआ विवाद:
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज (Medical College) में भर्ती दो महिलाओं, शिवानी और अफसाना की डिलीवरी ऑपरेशन के माध्यम से कराई गई थी। परिजनों के अनुसार प्रसव के समय चिकित्सकों द्वारा परिवारों को नवजात के संबंध में जानकारी दी गई थी। इसी आधार पर बाद में नवजात शिशुओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
मामले में दोनों परिवारों के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और अस्पताल प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
सीएमएस ने बताई नवजात सौंपने में गड़बड़ी:
मेडिकल कॉलेज (Medical College) के सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा (Dr. S. Chandra) के अनुसार नवजात शिशुओं को परिजनों को सौंपने के दौरान गड़बड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार शिवानी को बच्ची और अफसाना को बच्चा सौंप दिया गया, जबकि प्रसव संबंधी जानकारी के आधार पर स्थिति अलग बताई जा रही है।
अस्पताल प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
परिजनों ने उठाए सवाल:
शिवानी की ननद डोली ने दावा किया कि होश में आने के बाद शिवानी ने नवजात को देखकर सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि उन्हें पहले पुत्र होने की जानकारी दी गई थी, जबकि बाद में बच्ची सौंपे जाने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई।
इसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ गया और अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से स्पष्ट जवाब की मांग की।
दोनों परिवारों के बीच बढ़ा तनाव:
नवजात शिशु बदलने की आशंका जताए जाने के बाद दोनों परिवार आमने-सामने आ गए। अस्पताल में काफी देर तक बहस और विवाद का माहौल बना रहा। इस दौरान वहां मौजूद अन्य मरीजों और तीमारदारों में भी चिंता का वातावरण देखने को मिला।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
चिकित्सकों की टीम और पुलिस ने संभाला मोर्चा:
घटना की सूचना मिलते ही सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा (Dr. S. Chandra), चिकित्सकों की टीम तथा पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने दोनों परिवारों से बातचीत की और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले को लेकर आवश्यक प्रक्रिया जारी है।
मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल:
इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज (Medical College) में नवजात शिशुओं की पहचान और उन्हें परिजनों को सौंपने की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से लोगों का भरोसा प्रभावित होता है। वहीं अस्पताल प्रशासन मामले की जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कह रहा है।
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रिपोर्टर: विपिन कुमार
