रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता
लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) के धौरहरा वन रेंज (Dhaurahra Forest Range) क्षेत्र में बीते कई दिनों से फैली दहशत आखिरकार समाप्त हो गई है। ग्रामीणों के लिए आतंक का पर्याय बने नर तेंदुए को वन विभाग ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर मिलते ही पूरे इलाके में राहत का माहौल बन गया और लोगों ने चैन की सांस ली। बताया जा रहा है कि यही तेंदुआ पहले एक व्यक्ति पर हमला कर उसकी जान ले चुका था, जिसके बाद से ग्रामीण भय के साये में जी रहे थे।

घटनास्थल पर लगाया गया था पिंजरा:
वन विभाग की टीम ने जिस स्थान पर तेंदुए ने हमला किया था, उसी इलाके को चिह्नित कर वहां पहले ही पिंजरा लगाया था। लगातार निगरानी और सतर्कता के साथ विभागीय कर्मचारी तेंदुए की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। सोमवार को आखिरकार तेंदुआ उसी पिंजरे में कैद हो गया। इस सफलता के पीछे वन विभाग की लगातार मेहनत और रणनीतिक योजना अहम मानी जा रही है।
कई दिनों से चल रहा था रेस्क्यू अभियान:
दुधवा टाइगर रिजर्व (Dudhwa Tiger Reserve) के बफर जोन की उपनिर्देशक कीर्ति चौधरी (Kirti Chaudhary) ने बताया कि यह तेंदुआ बीते कई दिनों से क्षेत्र में सक्रिय था और मानव आबादी के लिए खतरा बन चुका था। इसी को देखते हुए वन विभाग ने सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। टीम ने तेंदुए के मूवमेंट को समझते हुए पिंजरा लगाया और लगातार निगरानी की, जिसका नतीजा अब सामने है।
नर तेंदुआ सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया:
वन विभाग के अनुसार पकड़ा गया तेंदुआ नर है। उसे पिंजरे में कैद करने के बाद सुरक्षित रूप से रेंज परिसर में लाया गया है। इस पूरी कार्रवाई में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि तेंदुआ और किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा से समझौता हो।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस:
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद धौरहरा और आसपास के गांवों में सामान्य स्थिति धीरे-धीरे लौटने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जाते थे और खेतों में जाने से डरते थे। अब तेंदुए के पकड़े जाने से भय का माहौल खत्म हुआ है और लोग खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई की तैयारी:
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेंदुए की पूरी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। जांच के बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, ताकि भविष्य में मानव आबादी के लिए किसी प्रकार का खतरा न रहे। विभाग का उद्देश्य है कि वन्यजीवों और इंसानों के बीच संतुलन बना रहे और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
क्षेत्र में फिर से लौटी सामान्य स्थिति:
धौरहरा वन रेंज क्षेत्र में अब हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं। वन विभाग की इस कार्रवाई को ग्रामीणों ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इस तरह की सतर्कता बरती जाएगी, जिससे लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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