क्यों सख्त हुए मंत्री संदीप सिंह? जानें वजह

लखनऊ (Lucknow), 17 नवंबर। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह (Sandeep Singh) ने योजना भवन (Yojna Bhawan) में विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि छात्रों की पढ़ाई, विकास और सुविधाओं में किसी भी प्रकार की रुकावट स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय व्यवस्था को बेहतर बनाने, शिक्षकों का मनोबल मजबूत रखने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और आराम साइलेंट किलर है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी और सक्रियता से निर्वहन करें।

एक बैठक का दृश्य जिसमें कई अधिकारी और व्यक्तियों की उपस्थिति है, एक लंबी मेज के चारों ओर बैठकर चर्चा कर रहे हैं।

यूनिफॉर्म DBT राशि शत-प्रतिशत अभिभावकों तक पहुंचे:
संदीप सिंह ने समीक्षा के दौरान जोर देकर कहा कि बच्चों की यूनिफॉर्म हेतु निर्धारित ₹1200 की DBT राशि हर अभिभावक के खाते में समय से पहुंचनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए। अधिकतर बच्चों का सत्यापन पूरा हो चुका है, और जिनका शेष है, उनका सत्यापन मिशन मोड में कराया जाए ताकि किसी भी बच्चे को देरी या बाधा का सामना न करना पड़े।

KGBV में बालिकाओं को मानक के अनुरूप सभी सुविधाएँ सुनिश्चित हों:
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) को लेकर मंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बालिकाओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो तथा विद्यालयों में सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नियमित क्वालिटी चेक, गतिविधियों की मॉनिटरिंग और निरीक्षण को अनिवार्य बताया। साथ ही, उन्होंने महिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बालिकाओं से अलग संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं को प्राथमिकता के साथ समझें। विद्यालयों में रिक्त पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरे जाने पर जोर दिया गया।

15–20 मिनट की देरी पर न की जाए अनुचित कार्रवाई:
समीक्षा के दौरान संदीप सिंह ने कहा कि यदि कोई शिक्षक 15–20 मिनट की देरी से विद्यालय पहुंचता है और उसके पास व्यावहारिक कारण है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनुचित दबाव, बिना वजह नोटिस या कठोर निर्णय से शिक्षकों का मोरल डाउन होता है, जिसे किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जा सकती। केवल अव्यावहारिक कारण होने पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

सरकारी योजनाओं की होगी कड़ी मॉनिटरिंग:
मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी सरकारी योजनाओं का संचालन गुणवत्तापूर्ण ढंग से हो और योजनाओं का लाभ समय से हर विद्यार्थी तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अगले एक माह में सभी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी और जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

बीएसए स्वयं फील्ड पर उतरें, करें शिकायतों का निस्तारण:
समीक्षा बैठक में संदीप सिंह ने कहा कि कंपोजिट ग्रांट समयबद्ध रूप से प्रत्येक विद्यालय तक पहुंचनी चाहिए। इसके साथ ही, बीएसए को कम से कम एक दिन ब्लॉक स्तर पर बैठकर शिकायतों का निस्तारण करना चाहिए। उन्होंने नियमित फील्ड भ्रमण कर वास्तविक स्थिति की समीक्षा करने को बीएसए की प्रमुख जिम्मेदारी बताया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय कर्मचारियों के वेतन, एरियर और एडेड विद्यालयों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। वित्तीय प्रक्रियाओं में लापरवाही या विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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