Delhi (दिल्ली) में हाल ही में हुए Cockroach Janata Party (CJP) (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के बाद Delhi Police (दिल्ली पुलिस) ने जांच को तेज करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान Facial Recognition System (FRS) (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) की मदद से 2000 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि बताई गई है। पुलिस का कहना है कि ये लोग प्रदर्शनकारी भीड़ में शामिल हो गए थे और उनका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना था। पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से हुई पहचान:
Delhi Police (दिल्ली पुलिस) ने जांच के दौरान आधुनिक Facial Recognition System (FRS) (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) का उपयोग किया। पुलिस के अनुसार, इस तकनीक के माध्यम से प्रदर्शन में मौजूद संदिग्ध चेहरों का उपलब्ध डाटाबेस से मिलान किया गया। इसके बाद 2000 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान होने का दावा किया गया, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। पुलिस का कहना है कि इस तकनीक ने संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भीड़ में घुसने का किया गया दावा:
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों की पहचान की गई है, वे प्रदर्शनकारी भीड़ में शामिल हो गए थे। पुलिस का दावा है कि उनका मुख्य उद्देश्य ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निशाना बनाना था। इसी आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और संबंधित लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
130 पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी:
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं में 130 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
15 एफआईआर दर्ज, जांच जारी:
Delhi Police (दिल्ली पुलिस) के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपित लोगों की पहचान तथा धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जांच एजेंसियां उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही हैं।
तकनीक बनी जांच का अहम हिस्सा:
पुलिस का कहना है कि Facial Recognition System (FRS) (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम) जैसी आधुनिक तकनीक कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में प्रभावी साबित हो रही है। इसी तकनीक की सहायता से संदिग्धों की पहचान कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
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