भूकंप के झटकों से हिल उठा शहर

Lucknow | शुक्रवार की रात करीब साढ़े 11 बजे लखनऊ और उसके आसपास के जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके इतने तेज थे कि लोग घरों से बाहर निकल आए। दो तीन मिनट के भीतर यह झटके कई बार आए। बदहवासी में लोग घरों से बाहर निकले। लखनऊ से सटे हुए बाराबंकी, रायबरेली, सीतापुर आदि में भी भूकंप महससू किया गया। इन जिलों में भी दो से तीन बार झटके आए। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया गया है। 

अभी आ रही खबरों के अनुसार भूकंप के झटके पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए हैं।  लखनऊ के सिविल अस्पताल के सभी मरीज बाहर निकल आए। उनके तीमारदार उनको लेकर बाहर आ गए। जब तक भूकंप के झटके आते रहे मरीज बाहर ही बैठे रहे। भूकंप की खबर आते ही लखनऊ स्थित राहत आयुक्त ऑफिस अलर्ट हो गया। अभी तक किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं आ रही है। 

लखनऊ से 262 किमी दूर था केंद्र
लखनऊ से लगभग 262 किमी दूर नेपाल में शुक्रवार की रात आए भूकंप के झटकों का असर प्रदेश के कई जिलों में रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह और मो. दानिश के मुताबिक, लखनऊ से उत्तर उत्तर पूर्व में नेपाल भूकंप का केंद्र था। जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। वहीं इसकी तीव्रता 6.4 मैग्नीट्यूट दर्ज की गई। यह तीव्र श्रेणी का भूकंप था। 

ऊंची इमारतों से बाहर आए लोग, फिर देर रात अंदर गए
शहर के ज्यादातर इलाकों से देर रात तक लोगों को घरों-अपार्टमेंट के बाहर रहने की खबर मिलती रही। लोग दोबारा न आ जाए, इस कारण बाहर ही डटे रहे। 

इस बीच इस मैसेज ने डराया
व्हाट्स ग्रुपों पर लोगों मैसेज चला दिया कि अगला एक घंटे चालीस मिनट खतरे से भरा है, क्योंकि लखनऊ येलो जोन में है। मौसम वैज्ञानिकों को मुताबिक, लखनऊ जोन 3 में आता है, इस श्रेणी के इलाकों में मध्यम खतरा होता है।

भूकंप के बाद सरकार ने कहा नुकसान नहीं 
नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर ,महाराजगंज जनपदों के अपरजिलाधिकारी से फोन पर सूचनाएं प्राप्त की गयी,सभी जनपदों में भूकम्प के हल्के झटके महसूस किये गये,किसी भी जनपद से किसी भी जनहानि एवं अन्य किसी नुकसान की सूचना नही है। 

हाथों में बच्चों को चढ़ रहे पानी की बोतल, बगल में लाडले को दबाए निकली माएं
भूकंप के बाद सिविल अस्पताल के बाहर मरीज तीमारदार इकट्ठा हो गए। माएं अपने बीमार बच्चों को लिए निकल आईं। डेंगू वार्ड में भर्ती बच्चों में ज्यादातर को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। एक हाथ को स्टैंड बनाए, बगल में बच्चे को पकड़े माएं बाहर आ गईं। काकोरी निवासी एक महिला ने कहा कि हमें लगा कि बेड हिल रहा है। खड़े होकर देखा तो धरती हिलती सी लगी, फिर जब अहसास हुआ कि ये भूकंप है तो हम सब बाहर आ गए।

पंखे, मेज, कुर्सियां सब कुछ हिलने लगे
लखनऊ के आशुतोष शुक्ला ने एक वीडियो डाला, जिसमें पंखा हिल रहा है, लिखते हैं कि भूकंप का झटका महसूस किया गया। वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों से लोगों ने अमर उजाला को भूकंप की सूचना दी। पारिजात से समर विजय सिंह, मंदाकिनी एंक्लेव से वीके श्रीवास्तव, सृष्टि अपार्टमेंट से विवेक शर्मा, ग्रीन वुड से उमाशंकर दुबे, विवेक खंड से संजय निगम, सनराइज अपार्टमें से जागृति गुप्ता समेत शहर के अन्य अपार्टमेंट व सोसाइटी से लोगों ने सूचनाएं साझा कीं। किसी ने कहा सोफा हिला, किसी ने मेज कुर्सी हिलने की बात कही।

मोबाइल पर आ गया था अलर्ट
कई लोगों ने ये भी बताया कि 11.31 मिनट पर मोबाइल फोन पर अलर्ट जारी हो गया था। ये वही अलर्ट है, जिसका परीक्षण विगत दिनों किया गया था।

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