बृजभूषण बोले- संसद जरूर लौटूंगा, चरित्र हत्या की कोशिश हुई:प्रियंका को बरगलाया; यौन शोषण नहीं, मामला ‘गुड-बैड टच’ का था

उत्तर प्रदेश में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने गुरुवार को शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए यौन शोषण के आरोपों, कानूनी लड़ाई, कथित साजिश और राजनीतिक विवाद को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को उनकी नजर में जरूरत से ज्यादा बड़ा बनाया गया और अब वह फिर से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

कानूनी मामले पर बृजभूषण का पक्ष:

बृजभूषण सिंह ने कहा कि पूरा प्रकरण उनके अनुसार ‘गुड टच-बैड टच’ से जुड़ा था। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को सम्मान देने, माला या मेडल पहनाने और कुश्ती जीतने के बाद गले लगाने जैसी घटनाओं को बाद में अलग तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी मामले को बड़े आंदोलन का रूप दिया गया।

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ देश के बाहर भी पोस्टर और प्रदर्शन हुए। उनके मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक, जातीय और क्षेत्रीय रंग देने की कोशिश की गई। हालांकि, ये सभी बातें बृजभूषण सिंह के दावे हैं और संबंधित मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तथ्यों को उसी रूप में देखा जाना चाहिए।

कथित साजिश को लेकर लगाए आरोप:

बृजभूषण सिंह ने एक बार फिर पूरे प्रकरण के पीछे साजिश होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग सामने दिखाई दे रहे थे, जबकि कुछ लोग पर्दे के पीछे से भूमिका निभा रहे थे।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने प्रियंका गांधी को भी आंदोलन से जोड़ने में भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने कुछ बड़े वकीलों, पूंजीपतियों और विपक्षी नेताओं के भी मामले में शामिल होने का दावा किया।

चरित्र पर सवाल उठने को बताया बड़ा नुकसान:

पूर्व सांसद ने कहा कि उनके लिए इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा नुकसान उनके चरित्र को लेकर बने विवाद का था। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की चरित्र हत्या गंभीर विषय है। बृजभूषण ने यह भी कहा कि आरोप लगाने वाली महिला पहलवान अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर की खिलाड़ी थीं, इसलिए मामले का प्रभाव व्यापक स्तर पर पड़ा।

उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले के बाद उनके अनुसार स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। हालांकि, खबर में किसी पक्ष पर लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।

संसद में वापसी का जताया भरोसा:

राजनीति में अपनी सक्रियता को लेकर बृजभूषण सिंह ने कहा कि वह कभी राजनीति से दूर नहीं हुए। उन्होंने दावा किया कि जिस संसद में उन्हें जाने से रोकने की कोशिश हुई, उसी संसद में एक दिन फिर लौटकर जाएंगे।

उन्होंने अपनी राजनीतिक वापसी को लेकर विश्वास जताते हुए कहा कि संसद में उनकी वापसी तय है। उनके बयान के दौरान समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन भी देखने को मिला।

अयोध्या में समर्थन को बताया वर्षों की मेहनत:

अयोध्या में अपने समर्थन में जुटे लोगों को लेकर बृजभूषण सिंह ने कहा कि यह समर्थन किसी एक दिन का परिणाम नहीं है। उन्होंने इसे लंबे समय से किए जा रहे सामाजिक और राजनीतिक काम से जोड़ते हुए कहा कि वह किशोरावस्था से ही लोगों के बीच रहकर जनसमस्याओं को उठाते रहे हैं।

उनके मुताबिक सड़क पर दिखाई दिया जनसमर्थन उनके लंबे सामाजिक और राजनीतिक संबंधों का परिणाम है।

महिला कानूनों के दुरुपयोग पर भी बोले:

मंच से महिलाओं से जुड़े कानूनों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाए जाने पर बृजभूषण सिंह ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए कानून जरूरी हैं। हालांकि, यदि किसी कानून के दुरुपयोग की बात सामने आती है तो उस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि संतों ने यह विषय उठाया है और यदि इसे समाज का समर्थन मिलता है तो आगे इस पर चर्चा हो सकती है। फिलहाल उन्होंने किसी आंदोलन की योजना से इनकार किया।

विपक्ष पर भी साधा निशाना:

बृजभूषण सिंह ने विपक्षी दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना है, लेकिन उनके अनुसार कांग्रेस पिछले वर्षों में अपने बैनर पर कोई बड़ा आंदोलन नहीं कर सकी।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष दूसरे आंदोलनों में शामिल होकर अपनी राजनीतिक भूमिका बनाने की कोशिश करता है। उन्होंने किसान आंदोलन और पहलवानों के आंदोलन समेत विभिन्न आंदोलनों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।

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