‘भ्रम में मत रहो, तुम्हारे बुलडोजर से डर जाएंगे’:लखनऊ में फूटकर रोए एंबुलेंस ड्राइवर, बोले- हमारे घरों का चूल्हा बुझाने वाले, मिट्टी में मिल जाएंगे
लखनऊ (Lucknow) में डायल-108 और डायल-102 एंबुलेंस के ड्राइवरों ने नौकरी से निकाले जाने के विरोध में हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ कर्मचारी भावुक होकर रोने लगे। कर्मचारियों ने दावा किया कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर एंबुलेंस सेवाएं दीं, लेकिन बाद में करीब नौ हजार कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे करीब पांच वर्षों से रोजगार की मांग को लेकर भटक रहे हैं और सरकार से उन्हें दोबारा रोजगार देने की मांग कर रहे हैं।
हाथों में तख्तियां लेकर लगाए नारे:
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों से जुड़े नारे लगाए। इनमें ‘कोरोनाकाल में हमें हीरो कहा, अब हम जीरो हो गए’ और ‘डिप्टी सीएम इस्तीफा दो’ जैसे नारे शामिल रहे। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) का पद वर्तमान में भी यही है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रोजगार के लिए उन्हें लखनऊ और कन्नौज के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका दावा है कि कई बार लखनऊ आने के दौरान उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और भोजन तक की समस्या खड़ी हो जाती है।
चारबाग में साथियों को हिरासत में लेने का आरोप:
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हजरतगंज पहुंचने से पहले चारबाग रेलवे स्टेशन पर उनके 40 से 50 साथियों को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद कुछ कर्मचारी हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर पहुंचे, जहां उन्होंने माल्यार्पण किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गांधी प्रतिमा पर पहुंचने के बाद पुलिस ने वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों को भी हिरासत में ले लिया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है।
2021 में नौकरी जाने का दावा:
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने दिन-रात एंबुलेंस सेवाओं में काम किया था। उनका दावा है कि वर्ष 2021 में जीवीके ईएमआरआई (GVK EMRI) से जुड़े करीब नौ हजार कर्मचारियों की नौकरी चली गई। वर्ष 2021 में एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन और नौकरी जाने के विवाद की रिपोर्टें भी सामने आई थीं।
कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी जाने के बाद से वे लगातार रोजगार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने और पुराने कर्मचारियों को दोबारा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी पर कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं।
नीतीश बोले- परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा:
प्रदर्शन में शामिल नीतीश ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान की परवाह किए बिना काम किया। उनका दावा है कि उनके एक दर्जन से अधिक साथी कर्मचारियों की जान चली गई, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिला और उनके परिवारों को मुआवजा भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि नौकरी जाने के बाद परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
नीतीश ने कोरोना काल के दौरान मिले सम्मान पत्र का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब नौकरी ही नहीं है तो इस प्रमाण पत्र का क्या किया जाए। उन्होंने सरकार से दोबारा रोजगार देने की मांग की।
अजय ने सुनाई परिवार की आर्थिक परेशानी:
प्रदर्शन में शामिल अजय अपनी बात बताते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में नौकरी जाने के बाद से वह न्याय और रोजगार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके मुताबिक, वह स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास के भी कई बार चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
अजय ने दावा किया कि परिवार इस समय गंभीर आर्थिक परेशानी से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि पिता की पेंशन के सहारे परिवार चल रहा है और अगर यह सहारा नहीं होता तो स्थिति और कठिन हो जाती। उन्होंने यह भी कहा कि नौकरी जाने के बाद दूसरी नौकरी तलाशना उनके लिए मुश्किल हो गया है।
रोजगार बहाली की मांग पर आंदोलन जारी रखने की बात:
अजय ने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों और रोजगार की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल भी की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उनकी मांगों पर विचार करने और पुराने कर्मचारियों को दोबारा रोजगार देने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपने कोरोना काल के कार्य, नौकरी जाने के बाद की परेशानियों और परिवारों के सामने खड़े आर्थिक संकट का हवाला देते हुए अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य रोजगार की बहाली और अपनी समस्याओं का समाधान कराना है।
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