‘एक कचौड़ी, दो समोसा…भाजपा पर नहीं रहा भरोसा’:लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर होर्डिंग, नेता बोले- सवाल करोड़ों युवाओं के भरोसे का है
लखनऊ में शनिवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) कार्यालय के बाहर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे जेन जी (Gen Z) के नारों की तर्ज पर एक होर्डिंग लगाया गया। सपा नेता मोहम्मद इखलाक (Mohammad Ikhlaq) की ओर से लगाए गए इस होर्डिंग में भाजपा और चुनाव आयोग को लेकर नारे लिखे गए हैं। होर्डिंग पर लिखा है, ‘एक कचौड़ी, दो समोसा… जनता को भाजपा पर नहीं रहा भरोसा’ और ‘एक कचौड़ी, दो समोसा… चुनाव आयोग पर न करना भरोसा।’
मोहम्मद इखलाक ने कहा कि मौजूदा समय में सवाल केवल एक कचौड़ी और दो समोसे का नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं और मतदाताओं के भरोसे का है। उन्होंने कहा कि चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर लोगों का विश्वास मजबूत रहना जरूरी है।
रोजगार और युवाओं के भरोसे पर उठाए सवाल:
मोहम्मद इखलाक ने युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं से रोजगार और बेहतर भविष्य के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, उन्हें आज ई-रिक्शा और टैक्सी चलाने की सलाह दी जा रही है।
उन्होंने सवाल किया कि नौजवानों ने पढ़ाई इसलिए की है कि उन्हें नौकरी मिलने के बजाय रिक्शा और टैक्सी चलाने की सलाह दी जाए। उन्होंने इसे युवाओं के भरोसे से जुड़ा सवाल बताया।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव का दिया उदाहरण:
मोहम्मद इखलाक ने कहा कि जनता का लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था पर भरोसा तभी मजबूत रहेगा, जब पूरी व्यवस्था पारदर्शी हो। उन्होंने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कैमरे के सामने वोटों को लेकर विवाद सामने आया था।
उन्होंने कहा कि आठ वोटों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के महत्व को सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर हाल में सामने आए मतभेदों का भी जिक्र किया।
वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का दावा:
मोहम्मद इखलाक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) लंबे समय से वोट चोरी का मुद्दा उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक पार्टी की ओर से कई बार वोट चोरी से जुड़े साक्ष्य भी दिए गए, लेकिन चुनाव आयोग ने उनका संज्ञान नहीं लिया।
उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
2022 और 2024 के चुनावों का किया जिक्र:
मोहम्मद इखलाक ने कहा कि अखिलेश यादव ने 2022 और 2024 के चुनावों को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष शिकायतें और हलफनामे प्रस्तुत किए थे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के भरोसे से जुड़े मुद्दे उठाती रही है।
होर्डिंग के जरिए सपा नेता ने भाजपा और चुनाव आयोग को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक की हैं। वहीं, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों और दावों पर संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक पक्ष को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
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