32 साल में पांचवीं बार बदला भदोही का नाम, अब ‘संत रविदास नगर भदोही , जानें पूरा इतिहास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने रविवार को भदोही (Bhadohi) जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर भदोही’ रखने की घोषणा की। 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जिला इसी नाम से जाना जाएगा। इससे पहले 29 जुलाई 2026 को वाराणसी (Varanasi) में भी उन्होंने भदोही का नाम ‘संत रविदास नगर’ करने की घोषणा की थी। करीब 32 साल में यह पांचवीं बार है, जब भदोही के नाम में बदलाव किया गया है।
मुख्यमंत्री ने संत रविदास के करीब 600 वर्ष पहले दिए संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे राज की कामना की थी, जहां सभी को अन्न मिले और बिना किसी भेदभाव के लोग साथ रहें। मुख्यमंत्री के मुताबिक आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है।
दो विरासतों को एक नाम में जोड़ा गया:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही का नाम ‘संत रविदास नगर भदोही’ रखने की घोषणा दोहराई। इस नाम में संत रविदास की पहचान के साथ भदोही नाम को भी बरकरार रखा गया है। इसे जिले के इतिहास और सामाजिक समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
30 जून 1994 को मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) सरकार ने वाराणसी से अलग कर भदोही को नया जिला बनाया था। इसके बाद 4 दिसंबर 1997 को मायावती (Mayawati) सरकार ने जिले का नाम ‘संत रविदास नगर’ कर दिया था। वर्ष 2014 में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) सरकार ने फिर इसका नाम बदलकर ‘भदोही’ कर दिया।
अब योगी सरकार ने दोनों नामों को जोड़कर ‘संत रविदास नगर भदोही’ करने की बात कही है। जिला प्रशासन के इतिहास के अनुसार, ‘भदोही’ नाम का संबंध यहां रहे भार राज्य यानी राजभर से बताया जाता है। वहीं संत रविदास का नाम दलित समाज की आस्था और सम्मान से जुड़ा है।
विश्वविद्यालय और एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी घोषणा:
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी नरेश राजकीय महाविद्यालय को विश्वविद्यालय की मान्यता मिल चुकी है। जिले के कॉलेजों को इससे जोड़ने की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। जल्द ही विश्वविद्यालय का विधिवत लोकार्पण होगा और नए भवन का शिलान्यास कराया जाएगा।
उन्होंने संत रविदास नगर को विंध्य एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बात भी कही। गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के तहत इसे विंध्य एक्सप्रेसवे से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। माधोसिंह रेलवे फ्लाईओवर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार है और जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास सभी को साथ लेकर होना चाहिए।
कालीन उद्योग को ओडीओपी से मिला बड़ा बाजार:
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना से भदोही के कालीन उद्योग को तकनीक, डिजाइन और बड़ा बाजार मिला है। उनके मुताबिक अब जिले के करीब 90 प्रतिशत कालीन अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन समेत कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी के सिल्क क्लस्टर की देश के कुल कालीन निर्यात में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई। अकेले संत रविदास नगर में 2,500 से ज्यादा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयां हैं और 5 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
नोएडा एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी पर जोर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर संपर्क व्यवस्था से कालीन उद्योग को और फायदा होगा। विंध्य एक्सप्रेसवे के विस्तार के बाद संत रविदास नगर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब दंगा, कर्फ्यू और माफियागिरी का माहौल नहीं है। व्यापारी और उद्यमी सुरक्षित वातावरण में कारोबार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में करीब 14 हजार कारखाने थे, जबकि अब इनकी संख्या 35 हजार से ज्यादा हो गई है। उत्तर प्रदेश में 96 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयां हैं।
नए संसद भवन में भी भदोही का कालीन:
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए संसद भवन में बिछाया गया कालीन भी संत रविदास नगर में तैयार हुआ है। जिले को जीआई टैग, एक जिला एक उत्पाद मंच और कारपेट एक्सपो मार्ट जैसी सुविधाएं मिली हैं।
उन्होंने ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक ट्रेड शो में 6 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे। इसमें 2,400 से अधिक प्रदर्शक और 650 से ज्यादा विदेशी खरीदार शामिल हुए।
1340 करोड़ की 112 परियोजनाओं की सौगात:
मुख्यमंत्री ने भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों में 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 65 परियोजनाओं का लोकार्पण और 47 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, आवास की चाबी, नियुक्ति पत्र और आयुष्मान कार्ड भी दिए गए। विनीत राय को 2 करोड़ रुपये, पवन कुमार को 5 लाख रुपये, गौरव सिंह को 10 लाख रुपये और काजल गौतम को 4.46 करोड़ रुपये का चेक दिया गया। जयदेव को आवास की चाबी, नेहा और प्रिंसि को आंगनवाड़ी कार्यकत्री के नियुक्ति पत्र तथा जमनादेवी को आयुष्मान कार्ड सौंपा गया।
मुख्यमंत्री ने विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन कराया, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की और विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों के मॉडल देखे।
कारपेट एक्सपो में 500 करोड़ के कारोबार की उम्मीद:
50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में देशभर के निर्यातकों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। आयोजकों के अनुसार, एक्सपो में 65 देशों के खरीदारों के पहुंचने की संभावना है। यहां 500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद जताई गई है। यह एक्सपो 4 से 7 अक्टूबर तक चलेगा।
#Tags: #Bhadohi #SantRavidasNagar #YogiAdityanath #CarpetExpo #UttarPradesh
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।