UP सरकार के इन 4 सीनियर अफसरों पर अवमानना के आरोप तय, HC के वेतन संबंधी आदेश का नहीं किया पालन
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कर्मचारियों को वेतन और पेंशन से जुड़े लाभ देने के चार साल पुराने आदेश का पालन नहीं होने के मामले में चार प्रमुख सचिवों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए हैं। अदालत ने कहा कि अधिकारियों की ओर से आदेश के अनुपालन का कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने सुरेश चंद्र वर्मा से जुड़े 37 अवमानना याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया।
चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय:
अदालत ने जिन अधिकारियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं, उनमें अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग और प्रमुख सचिव ग्रामीण अभियंत्रण सौरभ बाबू शामिल हैं। सुनवाई के दौरान चारों अधिकारी व्यक्तिगत रूप से अदालत में मौजूद थे।
अदालत ने पाया कि कर्मचारियों को दिए जाने वाले लाभ से संबंधित पुराने आदेश के अनुपालन को लेकर कोई ठोस रिकॉर्ड सामने नहीं रखा गया। इसी आधार पर अदालत ने चारों अधिकारियों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए।
चार साल पुराने आदेश में वेतन-पेंशन लाभ देने के निर्देश:
मूल आदेश में कर्मचारियों के वेतन का दोबारा निर्धारण करने, बकाया वेतन का भुगतान करने और संशोधित पेंशन का लाभ देने का निर्देश दिया गया था। आदेश में यह भी कहा गया था कि यदि चार महीने के भीतर कर्मचारियों को निर्धारित लाभ नहीं दिए जाते हैं तो सात प्रतिशत ब्याज का भुगतान करना होगा।
याचियों का कहना है कि आदेश के करीब चार साल बीत जाने के बाद भी उन्हें निर्धारित लाभ नहीं मिल सके। इसी को लेकर अवमानना याचिकाएं दाखिल की गई थीं। मामले की सुनवाई के दौरान आदेश के अनुपालन को लेकर अदालत के सामने ठोस रिकॉर्ड पेश नहीं किया जा सका।
सुप्रीम कोर्ट भी आदेश को ठहरा चुका है सही:
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) भी हस्तक्षेप कर चुका है। 13 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मूल आदेश को सही ठहराया था। राज्य सरकार की ओर से दाखिल अर्जी भी खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद कर्मचारियों को निर्धारित लाभ दिए जाने संबंधी आदेश के अनुपालन का ठोस प्रमाण सोमवार की सुनवाई में अदालत के सामने नहीं आया।
अदालत ने इसी स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ाई है। मामले में अब आरोपित अधिकारियों से उनके जवाब मांगे गए हैं।
अजय चौहान के खिलाफ अगली सुनवाई में तय होंगे आरोप:
लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय चौहान के खिलाफ अवमानना के आरोप अगली सुनवाई में तय किए जाएंगे। अदालत ने सभी आरोपित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने चारों अधिकारियों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने को भी कहा है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। इस दौरान अधिकारियों की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब और आदेश के अनुपालन से संबंधित रिकॉर्ड पर भी विचार किया जाएगा।
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