‘बस हो गई टांय-टांय फिस्स’, अखिलेश यादव के 3 नहीं 400 वाले पोस्ट पर OP राजभर ने ली चुटकी
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) ने अपना तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि अब उनकी निगाह तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है। इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि यदि पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल हुआ तो तीसरा उम्मीदवार उतारा जाएगा। तीसरा उम्मीदवार मैदान में आने की स्थिति में विजेता का फैसला मतदान के जरिए होता।
अब सपा के तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। सपा की ओर से राम गोपाल यादव और धनंजय परिमल नाथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आठ उम्मीदवार भी राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे।
राज्यसभा की सभी दस सीटों पर निर्विरोध चुनाव:
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए सपा के दो और भाजपा के आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। सपा के तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले के बाद अब सभी 10 सीटों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर को होना है और इसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। सपा की ओर से तीसरे प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारने के बाद मतदान की स्थिति बनने की संभावना समाप्त हो गई है।
अखिलेश बोले- अब निगाह 403 पर:
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए लिखा कि अब उनकी निगाह तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल होने पर ही तीसरा उम्मीदवार उतारा जाएगा।
सपा के तीसरे प्रत्याशी के लिए संख्या बल को लेकर पार्टी की ओर से गणित लगाया जा रहा था। बताया गया कि सपा राकेश सिंह, अभय सिंह और मनोज पांडेय को अलग करके 99 विधायकों के आधार पर अपना गणित देख रही थी।
क्रॉस वोटिंग के खतरे के बीच फैसला:
तीसरे उम्मीदवार को लेकर सपा के सामने क्रॉस वोटिंग का खतरा भी बताया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को अभय सिंह और राकेश सिंह ने विनोद चतुर्वेदी की मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराई थी। इसके बाद सपा को एक बार फिर क्रॉस वोटिंग की आशंका नजर आई।
इसी वजह से सपा ने राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारने का जोखिम नहीं लिया। अब पार्टी ने तीसरे प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारने का फैसला किया है।
ओपी राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज:
उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अखिलेश यादव के फैसले पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, “बस हो गया टांय टांय फिस्स!” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कभी-कभी ही सही, आप कुछ समझदारी का काम भी कर लेते हैं, जैसे आज किया।
ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के 403 वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सपने देखना बुरी बात नहीं है।
संजयन त्रिपाठी ने दोबारा दाखिल किया नामांकन:
इसी बीच गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य चुनाव में सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी ने मंगलवार को दोबारा नामांकन दाखिल किया। उन्होंने इससे पहले 1 अक्टूबर को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा दाखिल किया था। बाद में समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया।
नामांकन के दौरान उनके शिक्षक समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही संजयन त्रिपाठी के आवास पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भीड़ मौजूद रही। बताया गया कि शाम को वह निर्वाचन क्षेत्र के सभी 17 जिलों के सपा जिलाध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में चुनावी रणनीति और बूथ स्तर की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी।
भाजपा नेता के बेटे ने जताई नाराजगी:
भाजपा की राज्यसभा सूची जारी होने के बाद भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद कौशल किशोर के बेटे विकास किशोर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “जिस परिवार में मां-बाप का मान सम्मान न हो, उस परिवार में नहीं रहना चाहिए।”
हालांकि, विकास किशोर ने इसे अपनी निजी राय बताया है। उन्होंने अपनी पोस्ट को भाजपा से नाराजगी से जोड़ने से इनकार किया है।
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