लखीमपुर: बाढ़ में डूबा बरोठा रपटा, जान हथेली पर लेकर गुजर रहे ग्रामीण

निघासन तहसील क्षेत्र के Barotha (बरोठा) गांव और उसके मजरों में बाढ़ का पानी खेतों से होकर गांव के चारों तरफ पहुंच गया है। कई घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब तक बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत के नाम पर एक भी भोजन का पैकेट उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे ग्रामीणों के सामने मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

घरों में घुसा बाढ़ का पानी, जनजीवन प्रभावित:

Barotha (बरोठा) गांव और आसपास के मजरों में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। खेतों से होकर पहुंचा पानी अब गांव के चारों तरफ फैल गया है। कई घरों में पानी घुसने के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक लगातार बढ़ते पानी के बीच प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और भोजन उपलब्ध नहीं कराया गया है। उनका कहना है कि बाढ़ की स्थिति के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक राहत के नाम पर एक भी भोजन का पैकेट नहीं दिया गया है।

बरोठा रपटा मार्ग पर तेज बहाव से खतरा:

सबसे गंभीर स्थिति गांव को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाले Barotha Rapta (बरोठा रपटा) मार्ग की बनी हुई है। रपटा के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी गुजर रहा है। इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा के लिए न तो रस्सा लगाया गया है और न ही आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए कोई ठोस व्यवस्था की गई है।

तेज बहाव के बीच भी ग्रामीणों को आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति में रास्ता पार करना जोखिम भरा बना हुआ है और किसी भी व्यक्ति के साथ हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

पिछले साल भी हो चुका है हादसा:

ग्रामीणों के अनुसार पिछले वर्ष भी इसी रपटा पर हादसा होते-होते बचा था। बाढ़ के दौरान चारा लेने जा रहा एक युवक पैर फिसलने के बाद तेज बहाव में डूब गया था। गांव के कुछ युवकों ने तैरकर उसे बाहर निकाला था।

ग्रामीणों के मुताबिक युवक उस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए Lucknow (लखनऊ) ले जाना पड़ा था। उसके उपचार में मदद के लिए ग्रामीणों ने आपसी सहयोग किया और चंदा जुटाकर इलाज में सहायता की थी।

सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप:

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष हुई घटना के बावजूद इस बार भी रपटा पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार मौके पर न तो लेखपाल पहुंचे हैं और न ही राजस्व विभाग की टीम ने स्थिति का जायजा लिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव के बीच यदि किसी व्यक्ति का पैर फिसल जाता है तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसी को देखते हुए वे रपटा मार्ग पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग कर रहे हैं।

राजस्व टीम भेजने और राहत की मांग:

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर राजस्व टीम भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराने की मांग की है। इसके साथ ही रपटा पर सुरक्षा के लिए रस्सा लगाने और लोगों के सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और भोजन के पैकेट उपलब्ध कराने की भी मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण कई परिवार प्रभावित हैं और ऐसे समय में उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराना जरूरी है।

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रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता

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