जमानियां (Zamania), गाजीपुर (Ghazipur) में उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की ओर से बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी, जमानियां तहसील को सौंपा गया। यह ज्ञापन अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर 10 सितंबर 2026 को दिया गया। ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी कांग्रेस ने मामले को गंभीर स्वास्थ्य संकट बताते हुए मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे, बालाघाट में हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने और मृतक बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग उठाई।
ज्ञापन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव (प्रशासन) कुन्दन खरवार ने किया। इस दौरान उन्होंने बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
30 बच्चों की मौत का उठाया मुद्दा:
कुन्दन खरवार ने कहा कि मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में 18 मई 2026 से अब तक मलेरिया, खसरा और कुपोषण से 30 मासूम आदिवासी बच्चों की मौत होने की बात सामने आई है। उनके अनुसार, करीब चार महीने तक मौतों का सिलसिला जारी रहा और इसे रोकने में मध्यप्रदेश सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग विफल रहा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी कांग्रेस की नजर में यह केवल स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज के जीवन, सम्मान और अधिकार से संबंधित गंभीर सवाल है। इसी मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें रखीं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बालाघाट जाकर की मुलाकात:
कुन्दन खरवार ने बताया कि अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया स्वयं बालाघाट पहुंचे थे। वहां उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और पूरे मामले को समझने का प्रयास किया।
इसके बाद दिल्ली में पत्रकार वार्ता के माध्यम से भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जाने की बात कही गई। कुन्दन खरवार के मुताबिक, कार्रवाई न होने के विरोध में 6 सितंबर 2026 से रीवा में अनिश्चितकालीन ‘न्याय सत्याग्रह’ भी शुरू किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग:
ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। इसके अलावा बालाघाट में हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की मांग भी रखी गई है।
संगठन की ओर से कहा गया कि बच्चों की मौत के मामले में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
कुन्दन खरवार बोले- जवाबदेही तय करने की लड़ाई:
कुन्दन खरवार ने कहा कि यह संघर्ष केवल 30 बच्चों की मौत तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह सरकार से जवाबदेही तय कराने का संघर्ष है। उन्होंने बालाघाट में सामने आए मामले को आदिवासी समाज के जीवन और अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए मांगों पर कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान कांग्रेस से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें अरविन्द कुमार मौर्य, ब्लॉक अध्यक्ष; जिशान जलाली; कमला यादव, मंडल अध्यक्ष; मक्खन वर्मा; संजीव शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष (OBC) जमानियां; प्रवीण खरवार, जिला अध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस; विनोद कुमार, महासचिव DCC; युसुफ बशर; विद्याशंकर और कयूम खां सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल रहे।
ज्ञापन के जरिए रखी गईं प्रमुख मांगें:
आदिवासी कांग्रेस की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग, बालाघाट में हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की मांग और मृतक बच्चों के प्रत्येक परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग शामिल है।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल
