अयोध्या में दीपोत्सव-2026 की तैयारियां तेज, 56 घाटों पर जलेंगे 26,50,101 दीये
आगामी दीपावली के अवसर पर अयोध्याधाम में दीपोत्सव-2026 को भव्य और अलौकिक रूप देने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार दीपोत्सव के दौरान 26,50,101 दीयों का प्रज्ज्वलन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए राम की पैड़ी, लक्ष्मण किला घाट, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल घाट समेत कुल 56 घाटों पर दीप प्रज्ज्वलित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इस आयोजन में करीब 35 हजार स्वयंसेवकों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन का कार्य किया जाएगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह (Jaiveer Singh) ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दीपोत्सव-2026 का आयोजन भव्य और अलौकिक ढंग से कराया जाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव महत्वपूर्ण आयोजन है, इसलिए तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोताही नहीं होनी चाहिए।
पर्यटन मंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की:
जयवीर सिंह ने बुधवार को पर्यटन भवन, गोमती नगर, लखनऊ (Lucknow) में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से अयोध्या में कराए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। साथ ही दीपोत्सव क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और लोकार्पण तथा शिलान्यास की जाने वाली परियोजनाओं की भी समीक्षा की।
मंत्री ने अधिकारियों से तैयारियों को निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने दीपोत्सव की महत्ता को देखते हुए आयोजन से जुड़े सभी कार्यों को गंभीरता से पूरा करने पर जोर दिया।
56 घाटों पर होगा दीप प्रज्ज्वलन:
दीपोत्सव-2026 के लिए अयोध्या के कुल 56 घाटों को दीप प्रज्ज्वलन के लिए शामिल किया गया है। इनमें राम की पैड़ी, लक्ष्मण किला घाट, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल घाट प्रमुख हैं। इन घाटों पर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 26,50,101 दीये जलाए जाने की योजना है।
दीप प्रज्ज्वलन के लिए 35 हजार स्वयंसेवकों की भागीदारी तय की गई है। दीपोत्सव के आयोजन को इस बार अलग पहचान देने की योजना है। पहले दीपोत्सव के दौरान गिनीज बुक विश्व रिकॉर्ड बनाया जाता था, लेकिन इस बार इसे अयोध्या दीपोत्सव रिकॉर्ड के नाम से आयोजित किया जाएगा।
ड्रोन लाइट और ग्रीन फायर शो की तैयारी:
पर्यटन मंत्री ने बताया कि राम की पैड़ी के मंच से ड्रोन लाइट शो आयोजित किया जाएगा। वहीं सरयू आरती स्थल स्थित मंच से ग्रीन फायर शो की व्यवस्था की गई है। रामकथा पार्क में विभिन्न देशों और अन्य प्रदेशों की रामलीलाओं का मंचन किया जाएगा।
इसके अलावा 240 से अधिक प्रमुख मंदिरों और मठों द्वारा स्वयं दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इन स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था तीर्थ विकास परिषद अयोध्या के माध्यम से की जाएगी। जनपद के 25 प्रमुख चौराहों पर उद्योग एवं व्यापार संगठनों द्वारा भी दीप जलाए जाएंगे।
विदेशी रामलीला दलों की प्रस्तुतियां होंगी:
संस्कृति विभाग की ओर से दीपोत्सव स्थल पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रामकथा पार्क में विदेशी रामलीला दलों द्वारा रामलीला का मंचन कराया जाएगा। इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) अथवा अन्य स्रोतों के माध्यम से इंडोनेशिया, थाईलैंड, रूस, नेपाल और श्रीलंका के रामलीला दलों को शामिल किए जाने की योजना है।
अयोध्याधाम के विभिन्न स्थलों पर प्रदेश के लोक कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इनमें गुप्तार घाट, बड़ीदेवी काली, हनुमान गुफा, बिरला धर्मशाला, भरतकुंड और तुलसी उद्यान समेत अन्य स्थल शामिल हैं।
1000 लोक कलाकारों की सांस्कृतिक शोभायात्रा:
दीपोत्सव-2026 में विभिन्न प्रदेशों के करीब 1000 लोक कलाकारों के माध्यम से सांस्कृतिक शोभायात्रा आयोजित की जाएगी। इसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कलाकार शामिल होंगे।
शोभायात्रा के दौरान रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित झांकियां और प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी। इसके माध्यम से अलग-अलग प्रदेशों की लोक कला और रामायण से जुड़े प्रसंगों को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।
भव्य झांकियों और प्रचार की भी तैयारी:
सूचना विभाग को दीपोत्सव-2026 के दौरान साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक भव्य झांकियों की व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा ब्रांडिंग, आमंत्रण कार्ड, होर्डिंग, यूनिपोल, रूफटॉप और एलईडी वैन के माध्यम से प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम के लिए मीडिया सेंटर की स्थापना और मीडिया के लिए नियंत्रण कक्ष में इंटरनेट की व्यवस्था भी की जाएगी। बैठक में आगंतुकों और आमंत्रित सदस्यों की सूची तैयार करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित करने की बात कही गई।
दीयों और आयोजन सामग्री पर खर्च का अनुमान:
बैठक में बताया गया कि दीपोत्सव-2026 के लिए दीये और सरसों के तेल की आपूर्ति के साथ विभिन्न आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था की जाएगी। इनमें टी-शर्ट, कैप, कपूर और पेंट आदि शामिल हैं। कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों के भोजन की व्यवस्था, विभिन्न मंदिरों, मठों और प्रमुख स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था तथा आयोजन प्रबंधन से जुड़े कार्य भी किए जाएंगे।
इन सभी व्यवस्थाओं के लिए करीब 6 करोड़ 75 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि खर्च होने की संभावना जताई गई है। आयोजन से जुड़े विभिन्न विभागों और अधिकारियों को उनके निर्धारित दायित्व सौंपे गए हैं।
अधिकारियों ने बैठक में लिया हिस्सा:
बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव और निदेशक संस्कृति संजय कुमार सिंह (Sanjay Kumar Singh), विशेष सचिव दीपा रंजन (Deepa Ranjan) और पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह (J. P. Singh) सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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