महिला यात्री की सहायता करने के बाद Agra Cantt Railway Station (आगरा कैंट रेलवे स्टेशन) पर तैनात स्टेशन उपाधीक्षक Narendra Chahar (नरेंद्र चाहर) के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि RPF (आरपीएफ) के जवानों ने उन्हें पीटने के बाद घसीटते हुए थाने तक ले गए। घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है, जिसका वीडियो भी सामने आया है। मामले के बाद रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया है तथा पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए समिति का गठन किया है।
महिला यात्री को ट्रेन में चढ़ाने पर शुरू हुआ विवाद:
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर Amritsar-Hirakund Express (अमृतसर-हीराकुंड एक्सप्रेस) पहुंची थी। इसी दौरान एक महिला यात्री ट्रेन से नीचे उतरकर सामान खरीदने लगी। इसी बीच ट्रेन चलने लगी और महिला ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी।
महिला को भागते हुए देखकर स्टेशन पर तैनात डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट Narendra Chahar (नरेंद्र चाहर) ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से लोको पायलट को सूचना देकर ट्रेन रुकवाने का अनुरोध किया। ट्रेन की गति कम होने पर महिला दोबारा ट्रेन में चढ़ने लगी, लेकिन उसी समय वहां मौजूद RPF (आरपीएफ) कर्मियों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया।
बातचीत से बढ़ा विवाद, फिर हुई धक्का-मुक्की:
बताया गया कि Narendra Chahar (नरेंद्र चाहर) ने आरपीएफ कर्मियों से कहा कि ट्रेन चेन पुलिंग से नहीं, बल्कि उनके निर्देश पर रोकी गई है। हालांकि, आरोप है कि आरपीएफ जवानों ने उनकी बात स्वीकार नहीं की। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद और धक्का-मुक्की में बदल गई।
आरपीएफ कर्मियों पर घसीटने का आरोप:
घटना के दौरान एक आरपीएफ जवान ने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। आरोप है कि इसके बाद सभी ने मिलकर Narendra Chahar (नरेंद्र चाहर) को पकड़ लिया। विरोध करने पर उन्हें जमीन पर गिरा दिया गया और करीब एक मिनट तक धक्का-मुक्की होती रही।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान स्टेशन उपाधीक्षक के केबिन में मौजूद कर्मचारियों ने आरपीएफ जवानों से ऐसा नहीं करने की अपील भी की, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। आरोप है कि इसके बाद चार आरपीएफ कर्मी उन्हें हाथ-पैर पकड़कर करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए RPF Police Station (आरपीएफ थाना) ले गए। दूसरी ओर, आरपीएफ कर्मियों का आरोप है कि स्टेशन उपाधीक्षक ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया था।
घटना के बाद रेलकर्मियों ने जताया विरोध:
स्टेशन उपाधीक्षक के साथ हुई घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। उन्होंने RPF Police Station (आरपीएफ थाना) के बाहर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना था कि महिला यात्री की सहायता करने वाले अधिकारी के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
चार आरपीएफ कर्मी निलंबित, जांच समिति गठित:
घटना के बाद Agra Railway Division (आगरा रेलवे मंडल) के जन सूचना अधिकारी Sanjay Gautam (संजय गौतम) ने बताया कि मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में आरपीएफ इंस्पेक्टर सहित चार कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
समिति में स्टेशन डायरेक्टर, आरपीएफ के असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर तथा AOM (एओएम) को शामिल किया गया है। समिति अपनी जांच रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है।
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