सर सैय्यद का 203 वीं जयंती धूमधाम से मनाया गया.. सर सैय्यद के यौमे पैदाइश पर…

ग़ाज़ीपुर जनपद के दिलदारनगर थाना के मिर्चा गाँव मे कोविड 19 को ध्यान मे रखते हुए हर साल की तरह इस साल भी सर सैय्यद डे कोरोना महामारी के वजह से बहुत धूम धाम से तो नही मनाया गया मगर एक रस्म अदायगी जरूर हुआ।आप को बता दें की अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को 100 साल पूरे भी हो गयामिर्चा स्टेडियम के बगल में भोलू उस्ताद के हाते में 200 के तायदाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बिरादरी और इलाके के बुद्धिजीवी सामाजिक कार्यकर्ता इकट्ठा हुए सर सैय्यद के जीवनी पर चर्चा हुई जिसमें एस के बी एम के मैनेजर मज़हर खान ने एक छोटे से मिशाल में सबकुछ बताने की कोशिश की उन्होंने कहा की जब मुझे एक डिग्री कॉलेज बनाने जरूरत हुई तो, बहुत सारी दुस्वरी हुई लोगों के तनक़ीद झेलना पड़ा आज के दौर में तो उस दौर में उनको बहुत कुछ परेशानी उठानी पड़ी होगी।
मंत्री प्रतिनिधि ओमप्रकाश सिंह के मन्नू सिंगने उनके बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सर सैय्यद साहब एक विचार है,हम तो कहेंगे मोदी साहब को भी सरकारी पैसा से मानना चाहिए, लेकिन वह कुछ और मनाएंगे।मन्नू सिंह ने कहा की सर सैयद कहते थे कि हिंदू, मुस्लिम एक दुल्हन की दो आँख हैं दोनो में से एक खराब हो जाये तो दुल्हन बदसूरत हो जाती है वैसे ही इस हिदुस्तान की खूबशूरती।हिन्दू मुस्लिम की एकता है,हमारे देश की खूबसूरती है एक को तकलीफ होगा तो दूसरे बर्दाश्त नहीं कर पायेगा लेकिन आज कुछ लोग इस खूबशूरती को खत्म करना चाहते हैं और यह खत्म हो जाएगी तो हिंदुस्तान की एकता टूट जाएगी। आज कुछ लोगों के वजह से देश की भाई चारे को खतरा हो चुका है कट्टर मानसिकता के वजह से देश मे अमन, खत्म करना चाहते हैं।डॉ.सलाहुद्दीन ने समाज के और खुद के भविष्य के लिए राजनीति पे जोर दिया कि जैसे एक हाथ मे कुरआन और एक हाथ मे तालीम की बात की तो उस को इन्होंने कहा की एक हाथ मे कुरआन ओर तालीम तो दूसरे हाथ मे राजनीत भी बहुत जरूरी हो गया है मजबूत समाज बनाने के लिए। मगर वह सकारत्मक हो,नकारात्मक नही । सबसे सीनियर अलीगढ़ इंजीनियर नियाज साहब ने सर सय्यद के जीवनी के बारे में बात की बीच बीच मे मुशायरा भी होता गया जिसमें खुर्सीद दिलदारनागर्वि ,मुस्तर साहब, आओर दीगर सायर हजरात मौजूद थे । संचालन डॉ. दिवान तनवीर और आये हुए लोगों का आभार तौक़ीर खान ने किया और अपने पूरे टीम का शुक्रिया अदा किया जो लगातार 10 साल से इस इलाके में आज के दिन इस डे को मनाने में सहयोग करते हैं,अन्य लोगों में कार्यक्रम के ताकत देने वालों में मेराज खान,अबूबकर खान,शाहनवाज खान,मिठू खान,अकबर खान,टुन्नू बजाज,इरफान खान,गुलाम मजहर खान,डॉ सलाहुद्दीन खान,जुलकर नैन खान,नियाज खान,भोलू खान,अफरोज खान और अलीगढ़ के मुस्लिम विस्वविद्यालय को चाहने वाले उपस्थित रहें।

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