ओल्ड ब्वायज़ एसोसिएशन बारा ग़ाज़ीपुर में सर सैयद अहमद ख़ां का जयंती समारोह का हुआ आयोजन
गाज़ीपुर।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अलीगढ़ के संस्थापक सर सैयद अहमद ख़ां की जयंती के प्रसंगवश उनके क्रांतिकारी योगदान-अवदान को समर्पित स्मृति समारोह का आयोजन बारा में भव्यता से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरूआत मदरसा इस्लाहिया बारा के प्रिन्सिपल मौलाना अहसानउल्लाह के पवित्र कुरआन-ए-पाक के पाठ और संक्षिप्त परिचय से हुई।तत्पश्चात अल्लमा इक़बाल द्वारा लिखी हुई तराना लप पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी,एएमयू के छात्र नज़िस,नूर आलम और राज़िक़ ने पढ़ी।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अलीगढ़ के संस्थापक सर सैयद अहमद ख़ां के व्यक्तित्व पर ए एम यू के पुर्व छात्र हैदर अली ने प्रकाश डाला।सर सैयद अहमद ख़ां के योगदान पर मास्टर सगीर ने प्रकाश डाला।
तत्पश्चात राहिल आज़म ने सय्यद तेरी राहों को, फूलों से सजाएँगे ,
इस रोज़ को हम यूँ ही ,हर साल मनाएँगे, गीत पेश किया।
मुख्य अतिथि के रूप में मुहम्मद इस्लाम खान अलीग ने सर सैयद की क्रांतिकारी शैक्षिक आंदोलन, वैज्ञानिक अनुसंधान के पश्चात वैज्ञानिक दृष्टिकोण से धर्म की पुर्नव्याख्या, सर सैयद अहमद ख़ां की कही बात एक हाथ मे क़ुरआन और एक हाथ मे साइंस की किताब को अमल मे लाने पर जोर दिया जाये।
विशिष्ट अतिथि के रूप में बारा इंटर कालेज के प्रबंधक अलिशेर खान ने अपने संबोधन में कहा कि सर सैय्यद अहमद ख़ां भारतीय मुसलमानों में शैक्षिक पुनर्जागरण की पहली मशाल और मिसाल हैं.और वादा किया की अगले साल से बारा इंटर कॉलेज मे भी सर सयेद डे मनाया जायेगा।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अलीगढ़ तराना और राष्ट्रीय गान से प्रोग्राम का समापन हुआ।
कार्यकम की अध्यक्षता कलामुद्दीन खान और
संचालन मास्टर सगीर खान ने किया।
ए एम यू ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन बारा गाज़ीपुर टीम के तलअत महमूद,तबरेज़,जमील, एहसान,तुफैल खान अलीग, जावेद खान (चुन्नू) अरशद खान अलीग,कलाम खान(राजू)अलीग,और पुरे बारा अलीगरियन के ओर से आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।