रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ (Aligarh) में फर्जी व्यावसायिक फर्म पंजीकृत कर लाखों रुपये की जीएसटी चोरी करने के मामले का खुलासा हुआ है। साइबर पुलिस (Cyber Police) की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने कागजों में फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। इस प्रकरण में चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
4.70 करोड़ की फर्जी बिलिंग का मामला:
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बोगस फर्म बनाकर लगभग 4 करोड़ 70 लाख रुपये की फर्जी बिलिंग दिखाई। दस्तावेजों में खरीद और बिक्री का लेनदेन दर्शाया गया, जबकि वास्तविक व्यापारिक गतिविधि का कोई ठोस आधार नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से संचालित की जा रही थी।
70 लाख की इनपुट टैक्स क्रेडिट ली:
आरोप है कि फर्जी बिलिंग के आधार पर करीब 70 लाख रुपये की आईटीसी (Input Tax Credit) भी ली गई। यह लाभ कर नियमों का दुरुपयोग कर प्राप्त किया गया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से टैक्स लाभ हासिल करने का प्रयास किया गया था।
चार अभियुक्त गिरफ्तार, सीए भी शामिल:
साइबर पुलिस (Cyber Police) टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया। इनमें कासगंज (Kasganj) निवासी सीए सुनील कुमार (Sunil Kumar) भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फर्जी फर्म के पंजीकरण और बिलिंग प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद:
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और बोगस फर्म में प्रयुक्त आधार कार्ड बरामद किए हैं। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
शिकायत पर हुई कार्रवाई:
सिविल लाइन (Civil Line) क्षेत्र की निवासी नीमा हुसैन (Neema Hussain) की शिकायत के आधार पर साइबर टीम ने जांच शुरू की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एसपी क्राइम ने दी जानकारी:
एसपी क्राइम ममता कुलीन (Mamta Kulin) ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, और खुलासे संभव:
पुलिस का कहना है कि बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के बाद और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और आर्थिक अपराध से जुड़े इस मामले में आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
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