गाजीपुर: मुख्तार अंसारी की परेशानी एक के बाद एक बढ़ती ही जा रही है। मुख्तार अंसारी पर हुए ताजा ऐक्शन में बेटे अब्बास की ओर से अर्जित संपति को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय)ने को जब्त कर लिया। जब्ती की कार्रवाई शनिवार को हुई। इसमें मऊ की भी संपत्ति शामिल है। जब्त की गई प्रॉपर्टी की कीमत 73 लाख से ज्यादा बताई गई है। जब्त प्रॉपर्टी रौजा इलाके में बताई जा रही है।
ईडी की ओर से मूख्तार पर हुए एक्शन को लेकर जानकारी साझा की गई। जानकारी के अनुसार शनिवार को कुछ प्रॉपर्टी को जब्त किया गया है। जब्त की गई संपत्तियों को मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी ने अर्जित किया था। इन प्रॉपर्टी का बाजार मूल्य 6 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है, अब बाजार मूल्य और सरकार मूल्य में अंतर आ ही जाता है आरोप है कि अब्बास अंसारी ने अपने रसूख और मुख्तार के खौफ का इस्तेमाल कर महज 70 लाख में ही इन संपत्तियों को अपने हक में कर लिया था। ईडी ने यह भी बताया है कि इन सब के बीच मुख्तार अंसारी के खाते में जमा 1.5 लाख रुपए को भी ईडी ने जब्त किया है।
ईडी ने मुख्तार अंसारी और करीबियों पर दर्ज मुकदमों के बिनाह पर जांच शुरू की। इन सब पर सरकारी भूमि को कब्ज आदि को लेकर आरोप है। इसी सिलसिले में ये भी जानकारी भी मिली कि मुख्तार और उसके परिजन सरकारी जमीन को कब्जा कर एक वेयरहाउस बनाए थे। इसे उन्होंने फूड कॉरपोरेशन आफ इंडिया को किराए पर दे रखा था।
ईडी ने इससे पहल मऊ और जालौन में अंसारी की बेनामी संपत्तियों को जब्त किया था। इनकी कुल कीमत डेढ़ करोड़ से ज्यादा बताई गई थी। यह संपत्तियां विकास कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड या फिर मुख्तार की पत्नी अफशां अंसारी के नाम से अर्जित की गई थी। विकास कंस्ट्रक्शन मुख्तार अंसारी और करीबियों की ओर से संचालित फार्म है। अब तक ईडी ने मुख्तार अंसारी के विधायक बेटे अब्बास अंसारी और अब्बास के मामा आतिफ असलम को गिरफ्तार किया है। यह सभी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ पीएमएलए(प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) विशेष कोर्ट में शिकायत दाखिल है। मुख्तार के ऊपर शनिवार को लिया गया एक्शन भी मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत ही है।
मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास की प्रॉपर्टी जब्त
