69000 शिक्षक भर्ती: एक को नियुक्ति मिलने पर अभ्यर्थियों का विरोध, निदेशक कार्यालय पर धरना
69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े एक अंक विवाद में नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय पर जारी रहा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि हजारों पात्र अभ्यर्थियों के बजाय केवल एक व्यक्ति को नियुक्ति दी गई है। उनका कहना है कि न्यायालय के आदेश और 2249 पात्र अभ्यर्थियों से जुड़े मामले के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी के खिलाफ भी धरना-प्रदर्शन किया।
एक अंक विवाद में नियुक्ति को लेकर नाराजगी:
परिषदीय विद्यालयों की 69,000 सहायक अध्यापक चयन प्रक्रिया से जुड़ा एक अंक विवाद एक बार फिर चर्चा में है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस मामले में पात्र अभ्यर्थियों की संख्या हजारों में है, लेकिन इसके बावजूद केवल एक व्यक्ति को नियुक्ति दिए जाने से उनमें नाराजगी है।
अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब इस प्रकरण में न्यायालय के आदेश और पात्र अभ्यर्थियों से जुड़ा मामला मौजूद है, तो केवल एक अभ्यर्थी को नियुक्ति किस आधार पर दी गई। इसी सवाल को लेकर सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया और एक अंक मामले में नियुक्ति की मांग उठाई गई।
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के खिलाफ प्रदर्शन:
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी के खिलाफ भी विरोध जताया। अभ्यर्थियों की ओर से आरोप लगाया गया कि एक अभ्यर्थी को नियुक्ति दिए जाने की प्रक्रिया में अन्य पात्र अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी हुई है।
धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने मामले में सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग उठाई। उनका कहना है कि जब 2249 पात्र अभ्यर्थियों का मामला सामने है, तो केवल एक व्यक्ति को नियुक्ति देने के बजाय पूरे मामले पर न्यायालय के आदेश के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए।
2019 में हुई थी 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा:
दिए गए विवरण के अनुसार, परिषदीय विद्यालयों की 69,000 शिक्षक भर्ती परीक्षा 6 जनवरी 2019 को आयोजित की गई थी। परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए कुछ प्रश्नों के उत्तर को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई थी। इसी विवाद के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने न्यायालय का रुख किया।
अभ्यर्थियों की ओर से विवादित प्रश्नों के जवाब को लेकर उठाए गए सवालों के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा। इसी क्रम में अभिषेक श्रीवास्तव और अन्य की अपील पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 25 अगस्त 2021 को एक प्रश्न से जुड़े मामले में आदेश दिया था।
हाई कोर्ट के आदेश में एक अंक बढ़ाने का उल्लेख:
दिए गए विवरण के मुताबिक, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ‘शैक्षिक परिभाषा’ वाले प्रश्न पर एक अंक बढ़ाते हुए न्यायालय की शरण में आए अभ्यर्थियों को अंतिम चयनित मेरिट गुणांक के अनुसार नियुक्ति देने का आदेश दिया था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इस आदेश के बावजूद पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल सकी है। इसी को लेकर अब एक बार फिर बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है।
2249 पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग:
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने 2249 पात्र अभ्यर्थियों के मामले में नियुक्ति की मांग उठाई है। उनका कहना है कि एक अंक विवाद से प्रभावित पात्र अभ्यर्थियों को न्यायालय के आदेश के अनुसार नियुक्ति मिलनी चाहिए।
अभ्यर्थियों का मुख्य सवाल यही है कि जब बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थियों का मामला लंबित है और न्यायालय के आदेश का उल्लेख किया जा रहा है, तो केवल एक अभ्यर्थी को नियुक्ति कैसे दी गई। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं और नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
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