जमानियां। नगर पालिका परिषद के सभागार में शुक्रवार को बोर्ड की बैठक हंगामे और बहस के बीच संपन्न हुई। उपजिलाधिकारी कुमारी निधि की मौजूदगी में चली यह बैठक पांच घंटे से अधिक समय तक चली और रात करीब 7.20 बजे समाप्त हुई। बैठक के दौरान गृहकर और एजेंडे में शामिल विषयों को लेकर कुछ सभासदों ने विरोध दर्ज कराया। विरोध जताते हुए कुछ सभासद अपनी सीटों से उठकर करीब पांच मिनट तक जमीन पर बैठ गए और अपनी लिखित आपत्ति दर्ज कराने की मांग की। बैठक में गृहकर और ट्रेड शुल्क समाप्त करने समेत पांच मांगों को स्वीकार किया गया।
हंगामे और बहस के बीच हुई बैठक:
बैठक के दौरान अधिकारियों और पालिका अध्यक्ष की मौजूदगी में सभासदों की मांगों पर चर्चा की गई। काफी देर तक चली बहस और विचार-विमर्श के बाद सभासदों की कई मांगों पर सहमति बनी। इसमें गृहकर और ट्रेड शुल्क समाप्त करने, दाखिल-खारिज के मामलों का निस्तारण अधिशासी अधिकारी के माध्यम से कराने और दाखिल-खारिज शुल्क घटाने की मांग शामिल रही।
इसके साथ ही बीते 15 अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक की कार्यवाही को निरस्त करने की मांग भी स्वीकार कर ली गई। सभासदों की ओर से पिछली बैठक की कार्यवाही निरस्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से रखा गया।
गृहकर और ट्रेड शुल्क समाप्त करने पर फैसला:
बैठक में भवन और भूमि के आवास गृहकर से जुड़े मामलों में शासन के निर्देशों के क्रम में लागू की गई नियमावली को समाप्त करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। इसके बाद भविष्य में इस व्यवस्था के तहत किसी नए शुल्क का आरोपण नहीं किए जाने की बात सामने आई।
इसी के साथ ट्रेड शुल्क समाप्त करने की मांग भी मान ली गई। सभासदों की ओर से जनता पर लगाए जा रहे कर को समाप्त करने की मांग को लेकर लगातार विरोध किया जा रहा था। बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर निर्णय होने के बाद इसे प्रमुख फैसलों में शामिल किया गया।
दाखिल-खारिज शुल्क में भी बदलाव:
दाखिल-खारिज और अचल संपत्ति हस्तांतरण शुल्क की वर्ष 1990 से चली आ रही पुरानी व्यवस्था को समाप्त करते हुए शासन की ओर से जारी मॉडल बायलॉज को लागू करने का बोर्ड ने अनुमोदन किया। इसके तहत दाखिल-खारिज शुल्क को घटाने की मांग भी स्वीकार की गई।
रामलीला मैदान में धरना देने वाले व्यापारियों और अन्य लोगों की ओर से दाखिल-खारिज शुल्क को चार प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने तथा नक्शा पास कराने के लिए 1,000 रुपये शुल्क तय करने की बात रखी गई। बैठक के बाद इन मांगों को लेकर व्यापारियों में भी खुशी का माहौल देखने को मिला।
बजट और विकास योजनाओं पर भी हुई चर्चा:
बैठक की शुरुआत में वित्तीय वर्ष के अनुमानित आय-व्यय बजट पर चर्चा हुई। इसके अलावा नगर विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इनमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क सुधार, पेयजल और सीवरेज से जुड़े विषय शामिल रहे।
अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि बोर्ड के सदस्यों की ओर से सर्वसम्मति से 15 अप्रैल की पिछली बैठक की कार्यवाही निरस्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि बजट पहले से प्रस्तावित होता है, इसलिए बजट के लिए दोबारा बैठक बुलानी पड़ेगी। पिछली बैठक की कार्यवाही निरस्त किए जाने संबंधी प्रस्ताव जिलाधिकारी और शासन को संदर्भित किया जाएगा। इसके बाद शासन के निर्णय के अनुसार आगे की कार्रवाई तय होगी।
व्यापारियों ने ढोल-नगाड़े बजाकर मनाई खुशी:
बोर्ड बैठक समाप्त होने के बाद रामलीला मैदान में धरना देने वाले व्यापारियों ने सभासदों के साथ कुछ मांगें स्वीकार होने पर ढोल-नगाड़े बजाकर खुशी मनाई। इस दौरान सभासद मोहन गुप्ता, राज, प्रमोद, सचिन, अंजनि गुप्ता, राहुल वर्मा, विकास जायसवाल, सुरेंद्र चौधरी, राकेश प्रजापति, शमीम अंसारी सहित सभासदों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुन्ना गुप्ता, नारायण चौरसिया सहित धरने से जुड़े लोगों ने कहा कि सभी सभासदों ने एकजुट होकर जनता पर लगाए जा रहे गृहकर को समाप्त कराने का काम किया है। उन्होंने दाखिल-खारिज शुल्क को चार प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने और नक्शा पास कराने के लिए 1,000 रुपये शुल्क तय किए जाने की बात भी कही।
पुराने विकास कार्यों को फिर बोर्ड से मिलेगी मंजूरी:
बोर्ड में 15 अप्रैल की पिछली बैठक की कार्यवाही निरस्त करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से रखा गया। इसके बाद नए विकास कार्यों को नए सिरे से बोर्ड की बैठक में पास कराने और टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कराने की बात कही गई।
बताया गया कि नगर पालिका सभासदों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 17 अगस्त से धरना शुरू किया था। एडीएम के हस्तक्षेप के बाद करीब दस दिन बाद धरना समाप्त हुआ था। उस दौरान दोबारा बोर्ड बैठक कराने का आश्वासन दिया गया था। इसी के बाद यह बैठक आयोजित की गई।
अध्यक्ष बोले, जनता के साथ हैं:
नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता ने कहा कि सभी प्रकार के कर समाप्त करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि सभासदों ने जिन करों को लगवाया था, उन्हीं को हटाने का काम किया है और वह जनता के साथ हैं।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल
