गुजरात के सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सोमवार को देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में काशी (Kashi) में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन संस्कृति, भारत की आध्यात्मिक विरासत और ऐतिहासिक मंदिरों को लेकर बड़ा बयान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने सनातन को मिटाने का प्रयास किया, आज उनका नाम लेने वाला भी कोई नहीं बचा है। उन्होंने मुहम्मद गौरी और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति पर अनेक आक्रमण हुए, लेकिन उसे कभी पराजित नहीं किया जा सका।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोमनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि विनाश हमेशा क्षणिक होता है, जबकि सृजन शाश्वत होता है। उनके अनुसार भारत की आत्मा को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि सनातन केवल मंदिरों तक सीमित नहीं बल्कि देश की चेतना में बसता है।
काशी विश्वनाथ धाम में हुआ विशेष आयोजन:
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम (Shri Kashi Vishwanath Dham) पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और ‘ॐ’ के जाप के बीच दोनों नेताओं ने पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को पटका और रुद्राक्ष की माला भी भेंट की।
कार्यक्रम में गुजरात (Gujarat) के सोमनाथ मंदिर में आयोजित जलाभिषेक कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, छात्र-छात्राएं और महिलाएं कार्यक्रम में मौजूद रहीं। छात्राओं ने शंखनाद किया जबकि डमरू वादन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गुजरात से पहुंची महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे भी लगाए।
सोमनाथ और काशी को बताया भारत का गौरव:
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम और सोमनाथ मंदिर दोनों भारत की सांस्कृतिक शक्ति और गौरव के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज काशी विश्वनाथ धाम का दिव्य और भव्य स्वरूप दुनिया के सामने है, जबकि सोमनाथ मंदिर भी अपनी ऐतिहासिक तेजस्विता के साथ भारत की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इतिहास में कई विदेशी आक्रांताओं ने भारत की संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री के अनुसार महमूद गजनवी सहित कई आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर पर बार-बार हमला किया और उसके वैभव को नष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर भी ऐसे हमलों का शिकार हुआ, लेकिन भारत की आत्मा को कोई नहीं तोड़ सका।
औरंगजेब और आक्रांताओं पर साधा निशाना:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि औरंगजेब ने बाबा विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर गुलामी का ढांचा खड़ा किया था, लेकिन वह भारत की आध्यात्मिक शक्ति को समाप्त नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा अजर और अमर है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ ताकतें आज भी भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहतीं। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्प्रतिष्ठा कार्यक्रम से लेकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण तक कई बार बाधाएं खड़ी की गईं, लेकिन देश की आस्था और संकल्प हमेशा मजबूत रहे।
पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना:
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनः सम्मान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भारतीयता और सनातन परंपराओं को लेकर वैसी सोच नहीं थी, लेकिन अब देश अपनी जड़ों से जुड़ते हुए नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ महादेव मंदिर की पुनर्प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने का यह अवसर भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय आत्मसम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के देवस्थल शाश्वतता के प्रतीक हैं और यही हमारी सबसे बड़ी पहचान है।
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