बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन और केंद्रीय योजनाओं को लागू करना… पहली कैबिनेट में बंगाल के सीएम शुभेंदु ने लिए 6 बड़े फैसले

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की नई सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए बीएसएफ (BSF) को जमीन सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ रोकने और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से 45 दिनों के भीतर यह जमीन गृह मंत्रालय को ट्रांसफर कर दी जाएगी।

हावड़ा (Howrah) स्थित नाबन्ना (Nabanna) में नवनिर्वाचित भाजपा (BJP) सरकार की पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सीमा सुरक्षा से जुड़ा यह फैसला सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सीमा सुरक्षा को लेकर सरकार का बड़ा फैसला:

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश (Bangladesh) से लगने वाली सीमा देश की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में से एक है। ऐसे में सीमा पर फेंसिंग बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में इस दिशा में अपेक्षित काम नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रस्तावित 127 किलोमीटर सीमा क्षेत्र में पिछली सरकार के दौरान केवल 8 किलोमीटर हिस्से में ही फेंसिंग का कार्य हो पाया था। अब राज्य सरकार इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना चाहती है।

पहली कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले:

नाबन्ना में हुई पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निषिथ प्रमाणिक, क्षुदीराम और अशोक कीर्तनिया समेत अन्य नेता मौजूद रहे। हालांकि अभी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है।

बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने पुराने आईपीसी (IPC) और सीआरपीसी (CrPC) की जगह लागू किए गए नए कानूनों को राज्य में लागू नहीं किया था।

इसके अलावा केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना और जन आरोग्य योजना को भी पश्चिम बंगाल में लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने कहा कि केंद्र की अन्य योजनाओं को भी जल्द लागू किया जाएगा।

चुनावी हिंसा पीड़ित परिवारों को सहायता:

कैबिनेट बैठक में चुनावी हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों को सहायता देने का भी फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक संघर्षों के दौरान जान गंवाने वाले 321 भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित परिवार कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे, तो सरकार इन मामलों की जांच कराने के लिए भी तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का भी हुआ जिक्र:

भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 4,097 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी लगभग 2,216 किलोमीटर है। यह भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी राज्य सीमा मानी जाती है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार अब तक लगभग 3,240 किलोमीटर क्षेत्र में फेंसिंग की जा चुकी है, जबकि शेष हिस्से में कार्य जारी है। वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक कर दिया था। इस फैसले पर उस समय राज्य सरकार ने आपत्ति जताई थी।

सरकारी कर्मचारियों को भी राहत:

कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार की नौकरियों में पांच वर्ष का विस्तार देने का फैसला भी लिया गया। साथ ही आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों को सेंट्रल ट्रेनिंग की अनुमति देने का निर्णय भी लिया गया है।


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