लखनऊ (Lucknow): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने रविवार को लखनऊ स्थित मोंटेसरी स्कूल (Montessori School) में आयोजित ‘दीपोत्सव’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों को समान दृष्टि से देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब केवल कुछ विशेष पर्वों के आयोजन ही दिखाई देते थे, लेकिन अब सनातन संस्कृति से जुड़े पर्व भी व्यापक रूप से मनाए जा रहे हैं।
योगी ने याद किया बचपन का अनुभव:
कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बचपन में केवल ईद मिलन और रोज़ा इफ्तार जैसे कार्यक्रम देखे थे। उन्होंने कहा कि “हमने बचपन में ईद मिलन का कार्यक्रम तो देखा था, लेकिन दिवाली मिलन और होली मिलन का कार्यक्रम कभी नहीं देखा था।”
2014 से पहले का परिदृश्य:
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले देश में और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में धार्मिक आयोजनों की एकतरफा परंपरा थी। उस समय ईद मिलन और रोज़ा इफ्तार जैसे आयोजन आम थे, लेकिन सनातन धर्म (Sanatan Dharma) से जुड़े पर्वों जैसे दीवाली मिलन या होली मिलन जैसे सामाजिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाते थे।
अब बदल रहा है माहौल:
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश और देश में धार्मिक संतुलन और सांस्कृतिक गौरव को सम्मान मिल रहा है। दीपोत्सव जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हर त्योहार को समान भाव से मनाया जाएगा तभी समाज में सद्भाव और संतुलन कायम रहेगा।
दीपोत्सव कार्यक्रम में उत्साह का माहौल:
मोंटेसरी स्कूल (Montessori School) में आयोजित इस दीपोत्सव कार्यक्रम में बच्चों ने पारंपरिक परिधानों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। पूरे परिसर को दीयों से सजाया गया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गर्व की भावना को और मजबूत करते हैं।
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CM योगी बोले—“बचपन में ईद मिलन तो देखा, लेकिन दिवाली और होली मिलन कभी नहीं देखा”