यूपी के लाखों शिक्षा मित्रों के लिए खुशखबरी, कैबिनेट बैठक में सैलरी बढ़ाने पर लगी मुहर

लखनऊ (Lucknow) में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर शिक्षा, बुनियादी ढांचा, परिवहन, सामाजिक योजनाओं और किसानों सहित कई वर्गों पर पड़ने वाला है। बैठक के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह (Sandeep Singh) समेत कई मंत्रियों ने इन निर्णयों की जानकारी साझा की।

शिक्षामित्र और अनुदेशकों का बढ़ा मानदेय:
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि शामिल है। संदीप सिंह (Sandeep Singh) ने बताया कि अब शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी और 1 मई से बढ़ा हुआ मानदेय खातों में आना शुरू होगा। इससे पहले अनुदेशकों को 9 हजार और शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये दिए जाते थे। प्रदेश में करीब 1,42,229 शिक्षामित्र और 24 हजार अनुदेशक इस निर्णय से लाभान्वित होंगे।

छात्रों को मिलेंगे 25 लाख टैबलेट:
सरकार ने युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से 25 लाख टैबलेट वितरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। औद्योगिक विकास विभाग (Industrial Development Department) के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार (Alok Kumar) के अनुसार इस योजना पर लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अब तक इस योजना के तहत 60 लाख से अधिक टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं।

महापुरुषों की प्रतिमाओं का होगा सौंदर्यीकरण:
मंत्री असीम अरुण (Aseem Arun) ने जानकारी दी कि ‘डॉ. बी.आर. अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ (Dr. B R Ambedkar Statue Development Scheme) के तहत प्रदेशभर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें छत्र, बाउंड्री वॉल और अन्य सुविधाओं का निर्माण शामिल होगा। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 स्मारकों के विकास का लक्ष्य रखा गया है और इस योजना पर लगभग 403 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

विस्थापित परिवारों को मिला भूमि अधिकार:
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) ने बताया कि पाकिस्तान (Pakistan) से आए 12 हजार परिवारों को भूमि का अधिकार प्रदान किया गया है। ये परिवार पीलीभीत (Pilibhit), लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri), बिजनौर (Bijnor) और रामपुर (Rampur) जिलों में लंबे समय से रह रहे थे। अब उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (Uttar Pradesh Revenue Code) में बदलाव कर इन्हें भूमिधर अधिकार दिए गए हैं, जिससे वे कानूनी रूप से अपनी जमीन के मालिक बन सकेंगे।

बस स्टैंड और परिवहन सुविधाओं का विस्तार:
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह (Dayashankar Singh) ने बताया कि प्रदेश में 49 बस स्टैंड को पीपीपी मॉडल (PPP Model) पर विकसित किया जाएगा। इससे पहले 23 बस स्टैंड को इस मॉडल पर विकसित करने की मंजूरी दी जा चुकी है। इस योजना से करीब 4000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है और हर जिले में कम से कम एक आधुनिक बस स्टैंड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

गोरखपुर में बनेगा नया विश्वविद्यालय:
सरकार ने गोरखपुर (Gorakhpur) में बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (Horticulture and Forestry University) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके निर्माण पर लगभग 491.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह विश्वविद्यालय कैम्पियरगंज क्षेत्र में 50 हेक्टेयर भूमि पर विकसित होगा, जहां विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

अन्य विकास परियोजनाओं को मंजूरी:
कैबिनेट ने कन्नौज (Kannauj) में गंगा नदी (Ganga River) पर पुल निर्माण, शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में सड़क चौड़ीकरण, कुशीनगर (Kushinagar) में नारायणी नदी (Narayani River) पर पुल निर्माण और बलिया (Ballia) में मेडिकल कॉलेज तथा स्मारक निर्माण जैसी कई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इन योजनाओं से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

विकास और कल्याण पर सरकार का जोर:
इन सभी निर्णयों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार विकास, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अलग-अलग वर्गों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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